EPFO Scheme 3.0: 13 पुराने नियम खत्म; अब पीएफ से जब चाहें तब निकालें एडवांस पैसा, सरकार ने दी खुली छूट!

EPFO ने वर्षों पुराने 13 नियमों को बदल डाला है... अब इलाज, शादी और घर के लिए पीएफ से पैसा निकालना बेहद आसान हो गया है। लेकिन ठहरिए! सरकार के इस नए नियम में एक ऐसा पेंच भी छिपा है जो आपके बैंक बैलेंस को सीधे प्रभावित करेगा। जानिए इस बड़े बदलाव के पीछे की पूरी कहानी क्या है।

Updated : 8 July 2026, 4:04 PM IST
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New Delhi: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए भविष्य निधि (PF) निकासी के नियमों में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने दशकों पुराने जटिल ढांचे को बदलते हुए 'Employees’ Provident Funds (EPF) Scheme, 2026', 'Employees’ Pension Scheme (EPS), 2026' और 'Employees’ Deposit-Linked Insurance (EDLI) Scheme, 2026' को अधिसूचित कर दिया है।

सामाजिक सुरक्षा संहिता (Code on Social Security), 2020 के तहत लागू की गई इस नई व्यवस्था ने 1952, 1971, 1976 और 1995 के पुराने नियमों को पूरी तरह रिप्लेस कर दिया है। नए बदलावों का मुख्य उद्देश्य पीएफ एडवांस निकालने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल बनाना है।

जटिलता खत्म: 13 के बजाय अब केवल 3 श्रेणियों में मिलेगा एडवांस

अब तक कर्मचारियों को बीमारी, शादी या घर जैसे अलग-अलग कामों के लिए 13 तरह के अलग-अलग नियमों और सेवा अवधियों की शर्तों से गुजरना पड़ता था। नई EPF Scheme 2026 में इस जटिलता को खत्म करके एडवांस निकासी को केवल तीन मुख्य श्रेणियों में समेट दिया गया है-

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  • Essential Social Security Needs (जरूरी सामाजिक सुरक्षा जरूरतें)
  • Housing Needs (आवास संबंधी जरूरतें)
  • Special Circumstances (विशेष परिस्थितियां)

पात्रता का नया नियम: 12 महीने की सदस्यता जरूरी

पुराने नियमों में अलग-अलग जरूरतों के लिए अलग-अलग कामकाजी समय सीमा तय थी। लेकिन अब एक समान नियम लागू कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत किसी भी श्रेणी से आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) के लिए कर्मचारी की कम से कम 12 महीने की ईपीएफ सदस्यता होना अनिवार्य है।

रिटायरमेंट फंड भी रहेगा सुरक्षित: खाते में 25% बैलेंस रखना अनिवार्य

कर्मचारियों को संकट के समय वित्तीय मदद देने के साथ-साथ उनके बुढ़ापे को सुरक्षित रखने के लिए EPFO ने एक कड़ा सुरक्षा कवच जोड़ा है। अब किसी भी आंशिक निकासी के बाद सदस्य के पीएफ खाते में कुल जमा राशि का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा बचे रहना अनिवार्य है। इसका मतलब यह है कि कर्मचारी अपने कुल फंड का अधिकतम 75 फीसदी ही एडवांस के रूप में निकाल सकेंगे। इसके अलावा, किसी भी एडवांस निकासी के लिए न्यूनतम राशि 1,000 रुपये तय की गई है।

इलाज, शिक्षा और शादी के लिए मिली बड़ी ढील

बीमारी, पढ़ाई और विवाह जैसे खर्चों को Essential Social Security Needs की श्रेणी में रखा गया है, जिसके नियम अब काफी लचीले कर दिए गए हैं-

मेडिकल इमरजेंसी: स्वयं, जीवनसाथी, बच्चों या आश्रित माता-पिता के इलाज के लिए पीएफ एडवांस लिया जा सकता है। इसके लिए पूरे जीवनकाल में निकासी की कोई संख्या तय नहीं है, यानी जरूरत पड़ने पर कई बार पैसा निकाला जा सकता है।

शिक्षा: सदस्य अपनी या बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए पूरी नौकरी के दौरान अधिकतम 10 बार निकासी कर सकते हैं।

शादी: अपनी, बेटे-बेटी या भाई-बहन की शादी के खर्च के लिए पूरी सेवा अवधि में अधिकतम 5 बार पैसा निकालने की अनुमति होगी।

घर और प्लॉट खरीदने के लिए भी आसान राह

आवास से जुड़ी तमाम जरूरतों को Housing Needs श्रेणी में डाल दिया गया है। अब घर या फ्लैट खरीदने, प्लॉट लेने, मकान बनाने, या घर की मरम्मत व विस्तार के लिए कर्मचारी अपने सेवाकाल में अधिकतम 5 बार पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं।

विशेष परिस्थितियों में बिना सबूत मिलेगी राहत

Special Circumstances (विशेष परिस्थितियां) श्रेणी को पहले से कहीं अधिक सुगम बना दिया गया है। पहले प्राकृतिक आपदा, महामारी या तालाबंदी जैसी स्थिति में कर्मचारियों को सबूत और कारण देने पड़ते थे। अब किसी अप्रत्याशित संकट के समय सदस्य को कोई कारण साबित करने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, इस श्रेणी के तहत एक वित्तीय वर्ष में केवल दो बार ही निकासी की जा सकेगी।

पुराने रिकॉर्ड से नहीं पड़ेगा कोई फर्क: 'ट्रांजिशनल प्रोविज़न' लागू

मौजूदा कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि नए नियमों में 'संक्रमण प्रावधान' (Transitional Provision) जोड़ा गया है। इसके तहत, इस नई योजना के लागू होने से पहले आपने जितनी भी बार पीएफ से पैसा निकाला हो, उसे इस नई सीमा में नहीं गिना जाएगा। सभी सदस्यों को नए सिरे से तय सीमाओं का पूरा लाभ मिलेगा।

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कब बंद कर सकेंगे खाता? पूर्ण निकासी के नियम

नई योजना में फाइनल सेटलमेंट (पूर्ण निकासी) के नियम भी साफ कर दिए गए हैं। कोई भी सदस्य अपना पूरा पीएफ फंड सिर्फ इन स्थितियों में निकाल सकेगा-

  • सेवानिवृत्ति (Retirement) होने पर।
  • स्थायी और पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में।
  • स्थायी रूप से विदेश में बस जाने पर।
  • ईपीएफ के दायरे से बाहर की संस्था में नौकरी करने पर।
  • निर्धारित शर्तों के तहत रोजगार खत्म होने या बेरोजगारी की स्थिति में (जहां पहले 75% आंशिक निकासी और फिर तय अवधि तक बेरोजगार रहने पर पूर्ण निकासी मिलेगी)।

विशेष छूट: शादी के कारण नौकरी छोड़ने वाली महिला कर्मचारियों को पूर्ण निकासी के लिए 12 महीने का इंतजार नहीं करना होगा।

पूरी तरह डिजिटल होगी प्रक्रिया; UPI/ATM पर अभी सस्पेंस

EPF Scheme 2026 के तहत दावों का निपटारा पूरी तरह ऑनलाइन, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और आधार प्रमाणीकरण के जरिए तेज गति से किया जाएगा। इसीलिए सदस्यों को अपना UAN, आधार, पैन (PAN) और बैंक खाता अपडेट रखने की सलाह दी गई है। हालांकि, बाजार में यूपीआई (UPI) या एटीएम (ATM) के जरिए पीएफ निकासी की चर्चाएं हैं, लेकिन संगठन ने साफ किया है कि ऐसी किसी सुविधा को फिलहाल आधिकारिक रूप से लागू नहीं किया गया है।

TeamLease RegTech के सीईओ और सह-संस्थापक ऋषि अग्रवाल के अनुसार, यह पिछले कई दशकों में पीएफ नियमों में किया गया सबसे बड़ा और ऐतिहासिक सुधार है। उन्होंने कहा कि 13 श्रेणियों को 3 श्रेणियों में समेटने से नियम यूजर-फ्रेंडली हो गए हैं। खाते में 25% बैलेंस बनाए रखने का नियम कर्मचारियों की तात्कालिक जरूरतों और भविष्य की वित्तीय सुरक्षा के बीच एक बेहतरीन संतुलन है। डिजिटल और आधार आधारित सत्यापन से आने वाले समय में क्लेम प्रोसेसिंग पहले से कहीं अधिक तेज और पारदर्शी हो जाएगी।

Location :  New Delhi

Published :  8 July 2026, 4:04 PM IST

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