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बैंक फ्रॉड में CBI का बड़ा एक्शन (Img- AI)
New Delhi: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को ₹133.52 करोड़ के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई की। सीबीआई ने मुंबई स्थित एक निजी कंपनी के चार निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एजेंसी ने मुंबई और कोच्चि (केरल) में आरोपियों से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद सीबीआई को बैंक फर्जीवाड़े से जुड़े दस्तावेज मिले।
दरअसल, सीबीआई ने छापेमारी की यह अभियान एक शिकायत पर शुरू की। गुरूवार यानी 9 जुलाई 2026 को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की SAM शाखा, मुंबई की शिकायत के आधार पर एक मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक कंपनी के निदेशकों ने अन्य अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची और बैंक से अधिक ऋण सुविधा प्राप्त करने के लिए कथित तौर पर गलत एवं भ्रामक वित्तीय जानकारी प्रस्तुत की।
जांच एजेंसी ने यह भी पता लगाया कि बैंक से ऋण स्वीकृत होने के बाद प्राप्त धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के बजाय अन्य कार्यों में किया गया। इस कथित फंड डायवर्जन और सिफोनिंग (धन की हेराफेरी) के कारण एसबीआई को लगभग ₹133.52 करोड़ का नुकसान हुआ।
छापेमारी के बाद सीबीआई ने मुंबई स्थित M/s Furnace Fabrica (India) के चार निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले में सीबीआई ने चार निदेशकों को आरोपी बनाया है।
1. ए. आर. बशीरुद्दीन (A R Basheeruddin)
2. बद्री प्रसाद (Badri Prasad)
3. नेज़ी बशीरुद्दीन (Nezee Basheeruddin)
4. रईज़ बशीरुद्दीन (Raiz Basheeruddin)
5. सनम बशीर (Sanam Basheer)\
इनके अलावा मामले में अज्ञात लोक सेवकों और अज्ञात निजी व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है।
सीबीआई ने तलाशी के दौरान जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण और आपत्तिजनक दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य बरामद किए गए हैं, जो कथित बैंक धोखाधड़ी की जांच में अहम साबित हो सकते हैं।
सीबीआई फिलहाल पूरे षड्यंत्र की व्यापक जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित धोखाधड़ी में किन-किन लोगों की भूमिका रही, बैंक से प्राप्त ऋण राशि का वास्तविक उपयोग कहां हुआ और धन का अंतिम लाभार्थी कौन था।
Location : New Delhi
Published : 10 July 2026, 8:46 PM IST