सोना-चांदी की कीमतों में हलचल: छुट्टियों के बीच थमा बाजार, जानिए आगे कितनी बदलेगी कीमत

साल 2025 में सोने की कीमतों में 70% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है। हालांकि रिकॉर्ड स्तर से इसमें हल्की गिरावट आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक छुट्टियों के कारण बाजार में सुस्ती है, लेकिन सोना-चांदी में आगे 2–3% का उतार-चढ़ाव संभव है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 21 December 2025, 8:22 AM IST
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New Delhi: साल 2025 सोने के निवेशकों के लिए अब तक बेहद शानदार रहा है। घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में 70% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है। इस तेजी के चलते सोने ने हाल ही में 1,35,590 रुपये प्रति 10 ग्राम का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छुआ। हालांकि इसके बाद दामों में हल्की नरमी आई और सोना करीब 1300 रुपये फिसल गया।

शुक्रवार को मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर फरवरी गोल्ड फ्यूचर्स 1,34,206 रुपये प्रति 10 ग्राम पर लगभग सपाट बंद हुए। इससे साफ है कि बाजार फिलहाल ऊंचे स्तरों पर ठहराव की स्थिति में है।

क्रिसमस वीक में बाजार पर छुट्टियों का असर

क्रिसमस के हफ्ते में वैश्विक बाजारों में छुट्टियों के चलते सुस्ती देखने को मिल रही है। दुनियाभर के प्रमुख कमोडिटी बाजार बुधवार, 24 दिसंबर से ही जल्दी बंद होने लगे हैं। ऐसे में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम हो गया है, जिसका असर सोने और चांदी दोनों पर दिख रहा है।

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भारत में MCX सिर्फ गुरुवार, 25 दिसंबर को बंद रहेगा। वहीं अमेरिका के बाजार शुक्रवार, 26 दिसंबर को दोबारा खुल जाएंगे। हालांकि यूके, जर्मनी, फ्रांस, कनाडा और हांगकांग जैसे बड़े बाजार बंद ही रहेंगे। इस वजह से कीमतों में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव की संभावना जताई जा रही है।

आगे कितना बदल सकता है सोने का भाव?

Augmont की हेड (रिसर्च) रेनिषा चैनानी के मुताबिक मौजूदा हालात में सोने की कीमतें अपने ऊंचे स्तर के आसपास ही बनी रह सकती हैं। उनका मानना है कि 1,35,000 रुपये का स्तर सोने के लिए एक अहम रुकावट बन गया है।

उन्होंने कहा कि अगर कीमतें इस स्तर से ऊपर या नीचे जाती हैं, तो 2 से 3 फीसदी तक का तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि नजदीकी भविष्य में उन्हें सोने के दामों में बड़ी गिरावट या नई तेजी की शुरुआत के संकेत नहीं दिखते।

चांदी में मुनाफावसूली का दौर

चांदी की बात करें तो इसमें हालिया कारोबारी सत्र में मुनाफावसूली देखने को मिली। मार्च कॉन्ट्रैक्ट्स में 0.21% यानी 439 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही चांदी के फ्यूचर्स 2,08,000 रुपये प्रति किलो पर बंद हुए।

इससे पहले चांदी ने 2,08,603 रुपये प्रति किलो का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छुआ था। यह साफ संकेत देता है कि ऊंचे दामों पर निवेशक फिलहाल मुनाफा काट रहे हैं।

2025 में सोने ने दिखाई जबरदस्त तेजी

चांदी के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस

रेनिषा चैनानी के अनुसार चांदी को 2,08,000 रुपये के स्तर पर फिलहाल रुकावट का सामना करना पड़ा है। उनका मानना है कि कीमतें आगे बढ़ने से पहले थोड़ी और मुनाफावसूली देख सकती हैं।

हालांकि जब तक चांदी 1,94,000 रुपये प्रति किलो के सपोर्ट लेवल से ऊपर बनी रहती है, तब तक इसमें तेजी का रुझान कायम रहेगा। आगे चलकर 2,18,000 रुपये और फिर 2,24,000 रुपये के स्तर पर मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

भू-राजनीतिक तनाव से मिल सकता है सहारा

विशेषज्ञों का कहना है कि सोने को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ अहम कारकों से समर्थन मिल सकता है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बढ़ा सकता है।

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इसके अलावा औद्योगिक उपयोग और निवेश दोनों ही मोर्चों पर कीमती धातुओं की मांग मजबूत बनी हुई है। चैनानी ने यह भी बताया कि बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा 0.75 बेसिस प्वाइंट की बेंचमार्क ब्याज दर में बढ़ोतरी को भी कीमती धातुओं के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

मौजूदा हालात में सोना और चांदी दोनों ही ऊंचे स्तरों पर कारोबार कर रहे हैं। विशेषज्ञों की राय में अल्पकाल में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं अब भी सोने-चांदी को आकर्षक विकल्प बनाए रख सकती हैं।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 21 December 2025, 8:22 AM IST

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