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सोने का भाव (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: ईरान युद्ध और ऊर्जा संकट के बीच वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है। कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और बढ़ती महंगाई की चिंताओं ने निवेशकों की रणनीति को प्रभावित किया है, जिसके चलते सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू वायदा बाजार तक सोना कमजोर नजर आया है।
वैश्विक बाजार में सोमवार को स्पॉट गोल्ड की कीमत में गिरावट दर्ज की गई। 1 जून 2026 को स्पॉट गोल्ड 12.90 डॉलर टूटकर 4529.75 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4553 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुआ था। मौजूदा कारोबारी सत्र में स्पॉट गोल्ड की कीमत में करीब 0.24 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और ऊर्जा संकट से जुड़ी चिंताओं के कारण निवेशकों का रुझान अन्य एसेट क्लास की ओर बढ़ा है, जिसका असर सोने की मांग पर दिखाई दे रहा है।
घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। MCX पर सोना 926 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट के साथ 1,56,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
अंतरराष्ट्रीय और वायदा बाजार में गिरावट के बीच देश के सर्राफा बाजार में भी सोने के दाम चर्चा में बने हुए हैं। विभिन्न शुद्धता वाले सोने की कीमतें इस प्रकार हैं—
24 कैरेट सोना: 1,56,463 रुपये प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना: 1,43,320 रुपये प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट सोना: 1,17,347 रुपये प्रति 10 ग्राम
विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए नई चुनौती बन रही हैं। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा भी गहरा रहा है। ऐसे माहौल में निवेशकों की सतर्कता बढ़ गई है, जिसका असर सोने की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
फिलहाल बाजार की नजरें अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, ऊर्जा संकट और कच्चे तेल की कीमतों पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में इन कारकों के आधार पर सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
Location : New Delhi
Published : 1 June 2026, 8:05 AM IST