
(प्रतीकात्मक छवि- AI Generated)
Lucknow: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) तैयार करने में लापरवाही और गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बाद शासन ने प्रशासनिक तंत्र में सख्त कदम उठाया है। चुनाव आयोग के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत 11 अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। साथ ही, चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में किसी भी तरह की त्रुटि के लिए सीधे जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) जिम्मेदार माने जाएंगे।
मतदाता सूची में गड़बड़ी के मामले में घिरे पीलीभीत के एसडीएम हेमंत कुमार चौधरी और मयंक गोस्वामी पर गाज गिरी है। इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ चुनाव आयोग के निर्देश पर पहले ही पीलीभीत में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। अब शासन ने हेमंत कुमार चौधरी को विशेष कार्याधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य प्रबंधन प्राधिकरण और मयंक गोस्वामी को बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी), चकबंदी मुख्यालय लखनऊ के पद पर स्थानांतरित कर दिया है।
इसके अलावा अन्य प्रशासनिक फेरबदल इस प्रकार हैं-
हाथरस के एसडीएम राज बहादुर को बुलंदशहर का अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) बनाया गया है।
लखनऊ के एसडीएम संजय कुमार यादव अब लखनऊ नगर निगम में अपर नगर आयुक्त की जिम्मेदारी संभालेंगे।
फतेहपुर के एसडीएम दुर्गेश यादव को राहत आयुक्त कार्यालय में विशेष कार्याधिकारी बनाया गया है, जबकि राहत आयुक्त कार्यालय में तैनात शशि कुमार को फतेहपुर का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है।
मथुरा के एसडीएम सुशील कुमार सिंह का तबादला भी फतेहपुर कर दिया गया है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से मांधाता प्रताप सिंह को पीलीभीत का एसडीएम और चकबंदी मुख्यालय लखनऊ से अजय कुमार को भी पीलीभीत का एसडीएम बनाया गया है।
उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ के प्रधान प्रबंधक अमित कुमार-द्वितीय को रायबरेली का अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नियुक्त किया गया है। वहीं, रायबरेली के स्थानांतरणाधीन अपर जिलाधिकारी अशोक कुमार गुप्ता अब सहकारी चीनी मिल संघ में प्रधान प्रबंधक की जिम्मेदारी संभालेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि वर्तमान समय में मतदाता सूची से जुड़े सभी कार्य 'ईसीआई नेट' के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे प्रतिदिन अपने डीईओ लॉग-इन के जरिए सिस्टम पर लॉग-इन करें और वोटर लिस्ट के कार्यों की खुद नियमित समीक्षा करें।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी जिले में अनावश्यक रूप से प्रकरण लंबित पाए जाते हैं, कोई यूजर निष्क्रिय मिलता है, प्रोफाइल अपूर्ण रहती है, त्रुटिपूर्ण मतदाता सूची सामने आती है या पर्यवेक्षण (सुपरविजन) में किसी भी प्रकार की कोताही बरती जाती है, तो इसके लिए संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को फार्म-6, फार्म-6ए, फार्म-7 और फार्म-8 से जुड़े मामलों की निरंतर समीक्षा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही डेटा की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हिदायत दी गई है कि कोई भी अधिकारी अपना यूजर आईडी, लॉग-इन पासवर्ड और ओटीपी किसी भी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करे। सीईओ ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों के मतदाता सूची से जुड़े कार्यों की निगरानी करें और जरूरत के अनुसार उनके खिलाफ सुधारात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
Location : Lucknow
Published : 31 October 2026, 9:07 AM IST
Topics : District Magistrate Election Commission SDM Suspended UP Assembly Election 2027 UP Voter List