PCS सीमा चौधरी ने मां की FIR पर किया जबरदस्त पलटवार, कहा- मम्मी तो मेरे लिए… पत्रकार और पुलिस वालों के लिए बोली बड़ी बात

2017 बैच की PCS अधिकारी और हापुड़ की जिला पूर्ति अधिकारी डॉ सीमा चौधरी ने अपनी मां की ओर से दर्ज FIR पर पहली बार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पुलिस ने उनका पक्ष सुने बिना मुकदमा दर्ज किया। वहीं पुलिस का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड, जमीन के दस्तावेज और सभी पक्षों के बयान के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 3 July 2026, 12:15 PM IST

Noida: 2017 बैच की पीसीएस अधिकारी और हापुड़ में तैनात जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) डॉ सीमा चौधरी ने अपनी मां की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर की जानकारी किसी पुलिस अधिकारी से नहीं, बल्कि गुरुवार सुबह समाचारों के माध्यम से मिली। सीमा का आरोप है कि पुलिस ने बिना उनका पक्ष सुने और बिना तथ्यों की जांच किए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया, जिससे उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।

सीमा चौधरी ने कहा कि उनकी मां मुनेश रानी ने 30 जून को सहारनपुर के सरसावा थाने में उनके सहित पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। मुकदमे में उन पर जमीन हड़पने की साजिश रचने, बैंक खाते का दुरुपयोग करने और कथित रूप से अवैध कमाई छिपाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, उन्होंने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।

'मुझे FIR की कोई जानकारी नहीं थी'

सीमा चौधरी ने कहा कि पुलिस ने न तो उन्हें बुलाया और न ही उनका बयान दर्ज किया। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस निष्पक्ष जांच करती तो सच्चाई सामने आ जाती। उनका कहना है कि प्रार्थना पत्र में शुरुआत से ही उनका नाम और अधिकारी होने का उल्लेख किया गया था, लेकिन पुलिस ने तथ्यों की पुष्टि किए बिना मुकदमा दर्ज कर लिया।

Noida: नौकरी का झांसा, ट्रेनिंग का जाल… साइबर ठगी गैंग के आरोपी ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे

32 बीघा जमीन बना विवाद की वजह

पीसीएस अधिकारी के मुताबिक, उनके पिता महिपाल सिंह किसान हैं और लंबे समय से बीमार हैं। परिवार संयुक्त है और दादा की संपत्ति उनकी मां मुनेश रानी के नाम दर्ज कराई गई थी। वर्तमान में उनकी मां के नाम करीब 32 बीघा जमीन है।

सीमा का कहना है कि उनकी मां ने करीब 17 बीघा जमीन देहरादून निवासी अनुपम जोशी को बेच दी। इस जमीन को लेकर परिवार की ओर से अदालत में वाद दायर किया गया है और मामला अभी विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि जिस रकम की बात की जा रही है, वह जमीन बिक्री से संबंधित है और उसी के पैसे उनकी मां के खाते में आए हैं।

'भाई को पैसे देने को लेकर शुरू हुआ विवाद'

सीमा चौधरी ने दावा किया कि उनका इकलौता भाई विदेश में पढ़ाई कर रहा था, जिस पर परिवार पहले ही काफी खर्च कर चुका था। इसके बावजूद उनकी मां लगातार जमीन बेचकर उसे और पैसे देना चाहती थीं। परिवार ने इसका विरोध किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। उनका आरोप है कि जमीन बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर बेची गई, जिसका परिवार ने विरोध किया।

'काली कमाई का आरोप पूरी तरह गलत'

मां की ओर से लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीमा ने कहा कि जिस बैंक खाते का जिक्र किया जा रहा है, वह उनकी मां का ही व्यक्तिगत खाता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने उस खाते में कोई पैसा जमा नहीं कराया। बैंक खाते की केवाईसी और सभी औपचारिकताएं स्वयं उनकी मां ने पूरी की थीं।

सीमा ने बताया कि खाते में 10 लाख रुपये उनके नाना राजेंद्र राणा और 5 लाख रुपये उनके चाचा संजीव चौधरी की ओर से ट्रांसफर किए गए थे। उनका कहना है कि ये रकम भी परिवार के भीतर आर्थिक सहायता के रूप में दी गई थी और बैंक जांच से पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।

Greater Noida: ‘गांव की सबसे सुंदर बेटी’ की दर्दनाक मौत! एक करोड़ की शादी भी नहीं बचा सकी दीपिका की जिंदगी

जमीन खरीददार से भी चल रहा विवाद

पीसीएस अधिकारी ने कहा कि जिस व्यक्ति ने जमीन खरीदी है, वह अब उस पर कब्जा चाहता है, जबकि जमीन को लेकर अदालत में मामला लंबित है। परिवार की ओर से खरीदार को जमीन की कीमत वापस करने का प्रस्ताव भी दिया गया, लेकिन अब वह कहीं अधिक राशि की मांग कर रहा है। सीमा का कहना है कि इसी विवाद के चलते उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

मां ने लगाए गंभीर आरोप

दूसरी ओर सीमा चौधरी की मां मुनेश रानी ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी, रिश्तेदारों और अन्य लोगों ने मिलकर उनकी जमीन हड़पने की साजिश रची। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी जानकारी के बिना उनके नाम से बैंक खाता खुलवाया गया और उसमें कथित रूप से 15 लाख रुपये जमा किए गए। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

सरसावा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों के बयान, बैंक रिकॉर्ड, जमीन से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला पारिवारिक संपत्ति विवाद और आपराधिक आरोपों के बीच उलझा हुआ है, जिसकी सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Location :  Noida

Published :  3 July 2026, 10:26 AM IST