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हरियाणा-पंजाब में 66 IAS-IPS ‘पावर कपल’ प्रशासनिक दुनिया में चर्चा का विषय हैं। कई जोड़े LBSNAA से मिले, कैडर और पोस्टिंग की चुनौतियों के बावजूद एक-दूसरे का सहारा बनते हुए जनसेवा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
हरियाणा-पंजाब में UPSC पावर कपल्स का बोलबाला
New Delhi: प्रशासनिक सेवाओं की दुनिया में IAS और IPS अधिकारियों का रुतबा हमेशा से ऊँचा रहा है, लेकिन जब जीवनसाथी भी इसी क्षेत्र से हों तो वे ‘पावर कपल’ की श्रेणी में आ जाते हैं। हरियाणा और पंजाब के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों ऐसे कई IAS-IPS जोड़ों की चर्चा है, जो न केवल अपने निजी जीवन को बखूबी संभाल रहे हैं, बल्कि साथ मिलकर जनसेवा की मिसाल भी पेश कर रहे हैं।
IAS-IPS जोड़ों के लिए आपस में तालमेल बिठाना आसान नहीं होता। अक्सर दोनों की पोस्टिंग अलग-अलग जिलों में होती है या उनके काम के घंटे चैलेंजिंग होते हैं। इसके बावजूद, हरियाणा और पंजाब कैडर में कई ऐसे उदाहरण हैं, जहां ये जोड़े प्रशासनिक चुनौतियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए काम कर रहे हैं। आज के समय में ये ‘पावर कपल’ केवल फाइलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए लोगों को सशक्त बना रहे हैं और प्रशासनिक पारदर्शिता की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरियाणा-पंजाब के कम से कम 66 IAS-IPS जोड़ों ने आपस में शादी की है। यह संख्या प्रशासनिक सेवा में ‘समर्पण और साझेदारी’ की एक नई तस्वीर पेश करती है। ये जोड़े न केवल एक-दूसरे के करियर को समझते हैं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी एक-दूसरे का मानसिक और व्यावसायिक सहारा बनते हैं।
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कई अधिकारियों ने मसूरी की ‘लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी’ (LBSNAA) में प्रशिक्षण के दौरान एक-दूसरे को अपना जीवनसाथी चुना। इन जोड़ों की सबसे बड़ी ताकत एक-दूसरे के काम की प्रकृति को समझना है। जब एक पार्टनर कानून-व्यवस्था (IPS) संभाल रहा होता है, तो दूसरा नीति निर्धारण (IAS) में व्यस्त होता है। यह आपसी समझ उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी मजबूत बनाती है।
हरियाणा कैडर में ऐसे कई नाम हैं जो अपनी कार्यशैली के लिए मशहूर हैं। अक्सर देखा गया है कि पति-पत्नी दोनों ही महत्वपूर्ण विभागों में सचिव या उपायुक्त (DC) के पदों पर तैनात होते हैं। इनकी चर्चा तब और बढ़ जाती है जब कैडर परिवर्तन नियमों के तहत किसी अधिकारी को उनके जीवनसाथी के कैडर में ट्रांसफर किया जाता है। हरियाणा में कई वरिष्ठ और जूनियर अफसरों ने शादी के बाद कैडर बदलकर साथ में सेवा दी है जैसे IPS आस्था मोदी और IAS पार्थ गुप्ता, जो दोनों अब हरियाणा में कार्यरत हैं।
पंजाब में भी ‘पावर कपल्स’ नीतिगत फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। संकट के समय एक-दूसरे के जिलों के कोऑर्डिनेशन में भी मदद करते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि पति किसी जिले का DC है और पत्नी किसी रेंज की IG, तो सुरक्षा और प्रशासन के बीच का सेतु और मजबूत हो जाता है। पंजाब में कई वरिष्ठ IAS-IPS जोड़ी राज्य प्रशासन और पुलिस व्यवस्था के महत्वपूर्ण पदों पर हैं जैसे तेजवीर सिंह और जसप्रीत कौर, जो दोनों अतिरिक्त मुख्य सचिव पद पर हैं।
IAS-IPS दंपतियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ‘कैडर पोस्टिंग’ की होती है। केंद्र सरकार की ‘कपल पॉलिसी’ के तहत कोशिश की जाती है कि पति-पत्नी को एक ही राज्य में पोस्टिंग मिले। हालांकि, कई बार उन्हें अलग-अलग शहरों में रहना पड़ता है। यह दूरी रिश्तों की परीक्षा लेती है, लेकिन वे वीडियो कॉल और सीमित छुट्टियों के जरिए इस दूरी को पाटते हैं।
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1990 के दशक के बैच से लेकर 2019-2020 के बैच तक कई जोड़े प्रशासनिक प्रतिष्ठित पदों पर हैं जैसे IPS नवदीप सिंह और उनकी पत्नी IPS कला रामचंद्रन। ये IAS-IPS जोड़े केवल अधिकारी नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा हैं। उनकी कहानी साबित करती है कि सिविल सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि साझा जीवन दर्शन है।