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नालंदा के मघड़ा स्थित शीतला माता मंदिर में हुए हादसे के बाद शासन और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इस दुखद घटना की जवाबदेही तय करते हुए जहाँ एक ओर स्थानीय स्तर पर कड़ी कार्रवाई की गई है, वहीं दूसरी ओर सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए विशेष आर्थिक सहायता का भी एलान किया है।
नालंदा भगदड़ पर शासन-प्रशासन सख्त एक्शन में (source- X)
Nalanda: बिहार के नालंदा जिले स्थित प्रसिद्ध मघड़ा शीतला माता मंदिर में मंगलवार को आस्था के महापर्व पर गहरा मातम छा गया। चैत महीने के आखिरी मंगलवार को आयोजित शीतला अष्टमी मेले के दौरान अचानक मची भगदड़ ने 8 श्रद्धालुओं की जान ले ली, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। इस दुखद घटना के बाद हरकत में आए प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। शुरुआती जांच में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक पाए जाने के बाद जिले के पुलिस कप्तान ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित थाना क्षेत्र के प्रभारी को निलंबित कर दिया है।
चैत महीने के समापन पर आयोजित इस विशेष पूजा में शामिल होने के लिए बिहार के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े थे। पंचाने नदी के तट पर स्थित इस प्राचीन मंदिर में सुबह से ही भीड़ अनियंत्रित होने लगी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय भीड़ का दबाव इतना बढ़ गया कि मंदिर परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। इसी बीच अचानक धक्का-मुक्की शुरू हुई और देखते ही देखते लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। बैरिकेडिंग और बांस की बल्लियां टूटने के कारण स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो गई, जिससे महिलाएं और बुजुर्ग भीड़ के नीचे दब गए।
हादसे के बाद जीवित बचे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने प्रशासन और मंदिर प्रबंधन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। घायलों का दावा है कि मंदिर परिसर में कुछ लोग कथित तौर पर 500 रुपये लेकर 'वीआईपी एंट्री' करा रहे थे, जिससे आम कतार में लगे लोगों का धैर्य जवाब दे गया। आरोप है कि पैसे लेकर सीधे प्रवेश दिलाने के चक्कर में सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। वहीं, श्रद्धालुओं का यह भी कहना है कि लाखों की भीड़ के अनुपात में मौके पर पुलिस बल की संख्या नगण्य थी और सूचना के बावजूद पुलिस घंटों देरी से बचाव कार्य के लिए पहुँची।
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इस त्रासदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक संबल की घोषणा की है। बिहार सरकार ने राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और मुख्यमंत्री राहत कोष से कुल 6 लाख रुपये प्रति मृतक देने का एलान किया है, वहीं प्रधानमंत्री राहत कोष से भी 2 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इस प्रकार प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल 8 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को भी केंद्र सरकार की ओर से 50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए नालंदा के एसपी भारत सोनी ने तत्काल प्रभाव से जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भीड़ प्रबंधन में विफलता और सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन को देखते हुए दीपनगर थानाध्यक्ष राजमणि को निलंबित कर दिया गया है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच जारी है और संभावना जताई जा रही है कि जांच की आंच अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों तक भी पहुँच सकती है।