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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद जनता दल (यूनाइटेड) ने बड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाया है। पार्टी ने चुनाव के दौरान आधिकारिक प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने के आरोप में 12 नेताओं को 6 वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है।
मुख्यमंत्री नितीश कुमार (Img: Google)
Patna: पटना से आई बड़ी राजनीतिक खबर में बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने विधानसभा चुनाव 2025 के बाद संगठन में अनुशासन लागू करने के लिए कड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने ‘भितरघात’ के आरोप में 12 नेताओं को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इन नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव के दौरान पार्टी और गठबंधन के अधिकृत प्रत्याशियों के विरुद्ध काम किया।
जेडीयू द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, चुनाव के दौरान सामने आई भितरघात की शिकायतों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने विस्तृत जांच के बाद अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपी। रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निष्कासन का आदेश जारी किया।
निष्कासित किए गए नेताओं में कई पूर्व विधायक, पूर्व जिलाध्यक्ष और प्रखंड स्तर के पदाधिकारी शामिल हैं।
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राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जेडीयू की यह कार्रवाई केवल दंडात्मक कदम नहीं, बल्कि भविष्य की रणनीति का हिस्सा भी है। पार्टी नेतृत्व यह स्पष्ट करना चाहता है कि चुनावी राजनीति में अनुशासनहीनता और गुटबाजी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि जिन नेताओं पर कार्रवाई हुई है, उन्होंने न केवल पार्टी लाइन के खिलाफ काम किया, बल्कि गठबंधन धर्म का भी उल्लंघन किया। जेडीयू नेतृत्व का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां चुनावी नुकसान का कारण बनती हैं और पार्टी की साख को ठेस पहुंचाती हैं।