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दरभंगा जिले के हरिहरपुर गांव में मजदूरी भुगतान को लेकर शुरू हुआ विवाद गंभीर जातीय तनाव में बदल गया। एक दलित परिवार की शिकायत पर SC/ST एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में 200 से अधिक लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने अब तक 12 आरोपियों को हिरासत में लिया है और गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
दरभंगा पुलिस (Image Source: Google)
Darbhanga: जिले के हरिहरपुर गांव में यह विवाद उस समय सामने आया जब गांव के एक दलित परिवार ने आरोप लगाया कि उनके घर के निर्माण कार्य के लिए ली गई मजदूरी की लगभग 2.5 लाख रुपये की राशि का भुगतान नहीं किया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि इस मामले को लेकर 30 जनवरी को गांव में पंचायत भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। पंचायत के असफल रहने के बाद दोनों पक्षों में तनाव और बढ़ गया।
31 जनवरी को विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई, जो बाद में मारपीट और तोड़फोड़ में बदल गई। इस घटना के बाद दलित परिवार की ओर से SC/ST एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जाति सूचक गालियां दी गईं, जान से मारने की धमकी दी गई और सामूहिक रूप से हमला किया गया।
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पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर 70 नामजद और लगभग 140 अज्ञात लोगों समेत कुल 200 से अधिक लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि पुलिस ने पहले ब्राह्मण पक्ष की शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी, जिससे मामला और बिगड़ गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब तक 12 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। गांव में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला मजदूरी भुगतान से जुड़ा था, लेकिन बाद में इसे जातीय रंग दे दिया गया।
पुलिस के अनुसार, SC/ST एक्ट के तहत दर्ज शिकायत की निष्पक्ष जांच की जा रही है। किसी भी निर्दोष को फंसाने और किसी दोषी को बचाने का प्रयास नहीं किया जाएगा। घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
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इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखा दिया है कि छोटे आर्थिक विवाद जब समय पर नहीं सुलझाए जाते, तो वे सामाजिक और जातीय तनाव का रूप ले सकते हैं। प्रशासन और समाज दोनों के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है।