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बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारियां जोरों पर हैं। लेकिन इससे पहले ही एनडीए के दो प्रमुख दल भाजपा और जेडीयू में एक बड़ा फेंच फंसता नजर आ रहा है। BJP-JDU के इस पेंच के कारण एनडीए के सभी दलों में उलझन बढ़ती दिख रही है।
पीएम नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार
Patna: बिहार विधानसभा चुनाव में रिकार्ड बहुमत के साथ जीत दर्ज करने के एनडीए नई सरकार के गठन की तैयारियों में जुटी हुई है। एनडीए सूत्रों के मुताबिक 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में बिहार के मुख्यमंत्री समेत नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह होना है। नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार के सीएम पद पर काबिज होने वाले हैं। इसके लिए जोर-शोर से तैयारियां जारी है।
नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों के बीच अब खबर है कि एनडीए के दो प्रमुख दल भाजपा और जेडीयू में एक बड़ा फेंच फंस गया। इस पेंच के कारण एनडीए के अन्य सहयोगी दलों की भी उलझन बढ़ती जा रही है।
जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिये एनडीए के सभी सहयोगी एकमत से सहमत है लेकिन बताया जा रहा है कि भाजपा चाहती है कि विधानसभा अध्यक्ष उसका हो। स्पीकर के पद को लेकर दोनों दलों में अब भी पेंच फंसा हुआ है। भाजपा हर हाल में स्पीकर का पद अपने पास रखना चाहती है लेकिन अंदरखाने से जेडीयू के कुछ नेता ऐसा नहीं चाहते।
एनडीए के अन्य सहयोगियों की उलझन यह है कि वे विधानसभा स्पीकर को लेकर भाजपा या जेडीयू में से किसी एक को खुलकर समर्थन नहीं दे पा रहे हैं।
वहीं आज मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए जेडीयू नेता संजय झा उनके आवास पर पहुंचे।
बिहार में बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक 19 नवंबर, बुधवार को सुबह 10 बजे पटना में आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को बैठक का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इसके साथ ही साध्वी निरंजन ज्योति और अर्जुनराम मेघवाल सह-पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। बैठक का मुख्य एजेंडा बीजेपी विधायक दल के नेता का चुनाव करना है।
सूत्रों के अनुसार, 20 नवंबर को बिहार में शपथ ग्रहण से पहले सभी दल अपने विधायक दल की बैठक करेंगे। उसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नेता चुना जाएगा और वह राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश करेगा। बैठक से पहले चर्चा है कि बिहार में दो डिप्टी सीएम होंगे, लेकिन नामों का फैसला अभी अंतिम नहीं हुआ है। सीएम पद पर नीतीश कुमार के नाम पर सहमति बन चुकी है। मंत्रालयों के बंटवारे और डिप्टी सीएम पद को लेकर बीजेपी-जेडीयू के बीच समीकरणों पर चर्चा जारी है।
इस बार विधानसभा में बीजेपी 89 और जेडीयू 85 विधायकों के साथ चुनावी समीकरण लगभग बराबर हैं। बीजेपी की कोशिश है कि सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखकर डिप्टी सीएम पदों का फैसला किया जाए।