नई दिल्ली स्टेशन पर GST स्कैम? बिल पर गलत नंबर देख भड़की महिला, मामले में रेलवे ने ऐसे दी सफाई; Video वायरल

नई दिल्ली स्टेशन पर रेलवे लाउंज के बिल में कथित तौर पर गलत GST नंबर प्रिंट होने का वीडियो वायरल हुआ है। महिला यात्री ने इसे टैक्स चोरी का स्कैम बताया, जिस पर अब रेलवे ने आधिकारिक सफाई जारी कर स्थिति स्पष्ट की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 18 June 2026, 12:11 PM IST

New Delhi: देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां फर्स्ट क्लास (1AC) लाउंज का इस्तेमाल करने वाली एक महिला यात्री ने रेलवे के बिलिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। महिला का आरोप है कि लाउंज के टिकट पर जो जीएसटी (GST) नंबर प्रिंट करके दिया जा रहा है, वह पूरी तरह से फर्जी और अमान्य है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद डिजिटल स्पेस में टैक्स चोरी को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

25 यात्रियों का दल और अमान्य GST नंबर का खुलासा

पीड़ित महिला यात्री ने वीडियो में पूरी घटना का विवरण देते हुए बताया कि वे कुल 25 लोग यात्रा कर रहे थे। ट्रेन करीब 3 घंटे लेट थी, जिसके कारण उन्होंने स्टेशन पर बने लाउंज में समय बिताने का फैसला किया। लाउंज का भुगतान करने के बाद जब उन्हें दो अलग-अलग टिकट मिले, तो वे हैरान रह गईं। महिला ने दिखाया कि एक टिकट पर जीएसटी नंबर सही था, जबकि दूसरे पर अलग नंबर था। जब उन्होंने संदेह होने पर उस जीएसटी नंबर को सरकार की आधिकारिक जीएसटी वेबसाइट पर डालकर चेक किया, तो पोर्टल ने उसे 'इनवैलिड' (अमान्य) घोषित कर दिया।

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स्कैम के आरोप पर स्टाफ का अजीब तर्क

वीडियो में महिला और उनके साथ मौजूद सह-यात्री बेहद नाराज नजर आ रहे हैं। उनका कहना था कि अगर देश की राजधानी के मुख्य स्टेशन पर ऐसा हो रहा है, तो देश के छोटे स्टेशनों पर स्थिति क्या होगी? जब महिला ने इसकी शिकायत लाउंज के स्टाफ और वहां बैठे मैनेजर से की, तो उन्होंने भी माना कि नंबर गलत प्रिंट हुआ है। हालांकि, मैनेजर ने इस पर अजीब दलील देते हुए कहा, "अभी गलत नंबर डला है, सुबह 10 बजे हमारे सीए (CA) आएंगे तो इसे सही कर देंगे।" इस पर यात्री ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर वे सजग नहीं होते, तो न जाने कितने लोगों के साथ इस तरह का धोखा होता रहता।

रेलवे और डीआरएम (DRM) ने दी आधिकारिक सफाई

सोशल मीडिया पर शुभजीत दास नामक यूजर द्वारा वीडियो पोस्ट किए जाने और एमएस तिरुपति एसोसिएट्स से वेरिफिकेशन की मांग के बाद रेलवे प्रशासन तुरंत हरकत में आया। नई दिल्ली रेलवे के डीआरएम (DRM) ने इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, "मामले की जांच की गई है। चेकिंग में पाया गया कि लाउंज के टिकट और बिल सही जीएसटी नंबर के साथ ही जारी किए जा रहे हैं। संबंधित वेंडर, एमएस तिरुपति एसोसिएट्स द्वारा रेलवे को निर्धारित लाइसेंस शुल्क का नियमित भुगतान किया जा रहा है और 18 प्रतिशत की दर से नियमानुसार जीएसटी भी जमा किया जा रहा है।"

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सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्सा

रेलवे के स्पष्टीकरण के बावजूद कमेंट सेक्शन में आम जनता इस लापरवाही पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रही है। लोगों का कहना है कि बिल पर सिर्फ जीएसटी नंबर छाप देना काफी नहीं है, उसका वैध होना भी जरूरी है। एक यूजर ने लिखा, "यह गजब का खेल है! सरकारी पोर्टल पर नंबर अमान्य आना सीधे तौर पर टैक्स चोरी और धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है।" वहीं दूसरे यूजर ने मांग की कि इस पूरे डिजिटल सिस्टम की जांच होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए ताकि यात्रियों के भरोसे को ठेस न पहुंचे।

Location :  New Delhi

Published :  18 June 2026, 12:11 PM IST