सोनभद्र में चोपन गौवंश आश्रय स्थल में 240 गायों को प्रचंड ठंड से बचाने के लिए जिला पंचायत ने 16 ब्लोअर लगाए। त्रिपाल, भूसा, हरा चारा और डॉक्टर की देखभाल से गौवंश सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

Sonbhadra: जिले में प्रचंड शीतलहर के बीच गौ वंशों की सुरक्षा के लिए जिला पंचायत ने विशेष इंतजाम किए हैं। चोपन में संचालित गौ वंश आश्रय स्थल में लगभग 240 गायों को सुरक्षित रखने के लिए 16 ब्लोअर लगाए गए हैं। इन ब्लोअर की मदद से गौवंश को ठंड से बचाया जा रहा है। जिला पंचायत ने इस व्यवस्था पर कुल 70 हजार रुपए खर्च किए हैं।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी आर के चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना के तहत गौ वंश आश्रय स्थलों में गायों को सुरक्षित और संरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ब्लोअर के अलावा आश्रय स्थल में त्रिपाल का घेरा लगाकर और गायों को नियमित भूसा, हरा चारा व गुड़ उपलब्ध कराकर उनकी देखभाल की जा रही है।
गौशाला के केयर टेकर देवा शंकर साहनी ने बताया कि पशुओं के लिए आहार की व्यवस्था मानक के अनुसार की गई है। “सभी ब्लोअर चालू हैं और समय-समय पर सरकार की योजनाओं के तहत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। रोजाना डॉक्टर साहब भी पशुओं की देखभाल के लिए आते हैं,” उन्होंने कहा।
जिला प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से न केवल गौवंश सुरक्षित रहेंगे बल्कि उनका स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा। शीतलहर के इस मौसम में यह पहल गायों के लिए राहत का काम कर रही है।
Sonbhadra: जिले में प्रचंड शीतलहर के बीच गौ वंशों की सुरक्षा के लिए जिला पंचायत ने विशेष इंतजाम किए हैं। चोपन में संचालित गौ वंश आश्रय स्थल में लगभग 240 गायों को सुरक्षित रखने के लिए 16 ब्लोअर लगाए गए हैं। इन ब्लोअर की मदद से गौवंश को ठंड से बचाया जा रहा है। जिला पंचायत ने इस व्यवस्था पर कुल 70 हजार रुपए खर्च किए हैं।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी आर के चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना के तहत गौ वंश आश्रय स्थलों में गायों को सुरक्षित और संरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ब्लोअर के अलावा आश्रय स्थल में त्रिपाल का घेरा लगाकर और गायों को नियमित भूसा, हरा चारा व गुड़ उपलब्ध कराकर उनकी देखभाल की जा रही है।
गौशाला के केयर टेकर देवा शंकर साहनी ने बताया कि पशुओं के लिए आहार की व्यवस्था मानक के अनुसार की गई है। “सभी ब्लोअर चालू हैं और समय-समय पर सरकार की योजनाओं के तहत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। रोजाना डॉक्टर साहब भी पशुओं की देखभाल के लिए आते हैं,” उन्होंने कहा।
जिला प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से न केवल गौवंश सुरक्षित रहेंगे बल्कि उनका स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा। शीतलहर के इस मौसम में यह पहल गायों के लिए राहत का काम कर रही है।