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मैनपुरी के करहल थाना क्षेत्र में मारपीट की शिकार सुनीता देवी तीन महीने बाद भी न्याय का इंतजार कर रही हैं। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पुलिस पर गंभीर सवाल उठे हैं। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी खुलेआम धमका रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस अधीक्षक इस मामले में कितनी जल्दी और निष्पक्ष कार्रवाई करते हैं।
Mainpuri: करहल पुलिस स्टेशन इलाके से सामने आए एक गंभीर हमले के मामले ने पुलिस के काम करने के तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन महीने बीत जाने के बाद भी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार न कर पाने के कारण पीड़ित सुनीता देवी और उनका परिवार डर के साए में जी रहा है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
सुनीता देवी के मुताबिक, 31 अक्टूबर 2025 की सुबह, पुरानी दुश्मनी के चलते कुछ गांव वाले उनके घर में घुस आए और लाठी-डंडों से उन पर और उनके परिवार पर हमला कर दिया। इस हमले में सुनीता और उनके परिवार के सदस्यों को गंभीर चोटें आईं, जिनमें सिर में चोटें और दांत टूटना शामिल हैं। अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद मामला दर्ज किया गया, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने न तो कड़ी धाराएं लगाईं और न ही कोई गिरफ्तारी की।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। यह आरोप लगाते हुए कि आरोपी प्रभावशाली हैं, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, सुनीता ने निष्पक्ष जांच और तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। प्रशासन ने उन्हें जांच का आश्वासन दिया है।