उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के विधानसभा में कोई विधायक नहीं हैं, लिहाजा वह कांग्रेस की तरह विधानसभा के भीतर कुछ नहीं कर सकती। ऐसे में उसके कार्यकर्ताओं ने सड़क पर विरोध-प्रदर्शन कर आपनी ताकत का अहसास कराया। सुरक्पुषा इंतजामों को तोड़कर विधानसभा कूच कर रहे कार्यकर्ताओं को खदेड़ने के लिए वाटर कैनन इस्तेमाल करना पड़ा।

गैरसैंण में UKD कार्यकर्ताओं का प्रचंड प्रदर्शन (Image source: Internet)
Gairsain (Chamoli) : उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने अपना दममखम दिखाना शुरू कर दिया। विधानसभा का यह बजट सत्र एक ऐसे समय में हो रहा है, जब राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। यही वजह है कि विपक्ष इस सत्र के दौरान सरकार को कोसने और अपनी ताकत का अहसास कराने की हर संभव कोशिश कर रहा है।
उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के विधानसभा में कोई विधायक नहीं हैं, लिहाजा वह कांग्रेस की तरह विधानसभा के भीतर कुछ नहीं कर सकती। ऐसे में उसके कार्यकर्ताओं ने सड़क पर विरोध-प्रदर्शन कर अपनी ताकत का अहसास कराया। यूकेडी के कार्यकर्ताओं ने गैरसैंण में विधानसभा कूच किया। हालांकि दिवालीखाल के पास पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक दिया। आक्रोशित कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। उन्होंने बैरिकेड भी तोड़ डाले। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
बैरिकडेड तोड़कर विधानसभा तक पहुंचे लोग (Image Source: Google)
प्रदर्शन के दौरान यूकेडी कार्यकर्ता पुलिस को चकमा देकर विधानसभा तक पहुंच गए थे 10 से 15 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दिवालीखाल में यूकेडी कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ियां रोकी। गाड़ियों में हिरासत में ले जा रहे आंदोलनकरियों को उतारा। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कुछ दिन पहले ही साफ संदेश दे दिया था कि यदि यह सत्र की अवधि जनभावनाओं के अनुरूप पर्याप्त दिनों की नहीं रखी गई, तो कांग्रेस विरोध दर्ज करेगी, हुआ भी यही। सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष के विधायकों ने भराड़ीसैंण में स्थित विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठकर प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने आरोप लगाया कि सरकार सवालों से बचना चाहती है, इसलिए सत्र के पहले ही दिन बजट पेश किया जा रहा है।
कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि सरकार के पास जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी, पलायन और विकास जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर विधानसभा में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए, लेकिन सरकार सत्र को छोटा रखकर इन मुद्दों से बचने की कोशिश कर रही है।
सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे की भनक सरकार को शायद पहले से ही थी। यही वजह है कि सरकार ने बजट सत्र के लिए पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए। विधानसभा परिसर में तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरूगेशन ने ड्यूटी में नियुक्त समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर चमोली के डीएम गौरव कुमार, एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने भी पुलिसकर्मियों को संबोधित किया।
सत्र के दौरान चार अपर पुलिस अधीक्षक, 10 पुलिस उपाधीक्षक, 44 प्रभारी निरीक्षक/थाना प्रभारी, 90 उपनिरीक्षक/अपर उपनिरीक्षक, 32 महिला उपनिरीक्षक, 434 मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 60 महिला आरक्षी सहित कई पुलिसकर्मी तैनात किये गए।