
नैनीताल में बारिश का रौद्र रूप (IMG: Dynamite News)
Nainital: पहाड़ों पर आसमान से आफत बरस रही है। मंगलवार सुबह से लगातार हो रही तेज बारिश ने नैनीताल जिले में एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं सड़क पर पहाड़ का मलबा आ गया तो कहीं भूस्खलन के चलते रास्ते बंद हो गए। दूसरी तरफ नदियों और बरसाती नालों में पानी का बहाव तेजी से बढ़ने लगा है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
लगातार बारिश के कारण जिले में फिलहाल 25 मार्ग यातायात के लिए बंद बताए जा रहे हैं। इनमें पांच राज्य मार्ग और 20 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। कई जगह सड़क पर मलबा आने के कारण आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। रास्ते खोलने के लिए संबंधित विभागों की टीमें और जेसीबी मशीनें मौके पर लगाई गई हैं।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक नैनीताल जिले में औसतन 51.59 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। जिले के कई हिस्सों में बारिश का असर काफी ज्यादा रहा। चोरगलिया में सबसे ज्यादा 154 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कालाढूंगी में 102 एमएम, खनस्यू में 62 एमएम, मुक्तेश्वर में 55.1 एमएम, हल्द्वानी में 50 एमएम और नैनीताल में 43 एमएम बारिश दर्ज की गई।
बारिश का सबसे ज्यादा असर सड़क संपर्क पर दिखाई दे रहा है। जिले में 25 मार्गों के बंद होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। पांच राज्य मार्गों के अलावा 20 ग्रामीण मार्गों पर भी यातायात बाधित है। भूस्खलन और मलबा आने के कारण गर्जिया-बेतालघाट-खैरना, रामनगर-भंडारपानी, धानाचूली-खनस्यू-ओखलकांडा, रानीबाग-खुटानी-पदमपुरी और हैड़ाखान-सिमलिया बैंड मार्ग प्रभावित बताए जा रहे हैं।
बंद मार्गों को जल्द से जल्द खोलने के लिए निर्माण खंड, प्रांतीय खंड और पीएमजीएसवाई की टीमें मौके पर काम कर रही हैं। सड़क पर जमा मलबे को हटाने के लिए जेसीबी मशीनों की मदद ली जा रही है। प्रशासन का फोकस फिलहाल उन मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने पर है, जहां ज्यादा संख्या में लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। हालांकि बारिश जारी रहने की स्थिति में दोबारा मलबा आने का खतरा भी बना हुआ है।
लगातार बारिश का असर जिले की प्रमुख नदियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बारिश के कारण गौला, कोसी और नंदौर नदियों में पानी का बहाव बढ़ गया है। आंकड़ों के मुताबिक गौला नदी में 6,577 क्यूसेक, कोसी नदी में 19,113 क्यूसेक और नंदौर नदी में 2,449 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया है।
गौला, कोसी और नंदौर बैराजों के आसपास के निचले क्षेत्रों को लेकर प्रशासन खास सतर्क है। नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के बहाव और जलस्तर को देखने के लिए किनारे तक न जाएं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को नदी-नालों से दूर रखने की सलाह दी गई है।
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बारिश के दौरान भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में निगरानी तेज कर दी गई है। संबंधित विभागों की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। जहां सड़क पर मलबा आया है, वहां मशीनों को लगाकर रास्ता साफ कराया जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान अचानक पत्थर गिरने और मलबा आने का खतरा बना रहता है। ऐसे में प्रशासन लोगों से मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील कर रहा है।
लगातार खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। खासकर संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में जाने से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलस्तर पर नजर रखने के साथ ही किसी भी तरह की परेशानी होने पर प्रशासन को तत्काल सूचना देने के लिए कहा गया है।
Location : Nainital
Published : 1 September 2026, 1:23 PM IST