गर्जना करने लगी अलकनंदा नदी! खतरे के निशान के पास पहुंचा जलस्तर, लाउडस्पीकर से दी जा रही चेतावनियां

रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का जलस्तर 626 मीटर पहुँचकर चेतावनी स्तर को छू चुका है। मूसलाधार बारिश से 12 सड़कें बंद हैं। प्रशासन ने लाउडस्पीकर से मुनादी कराकर लोगों को नदी तटों से दूर रहने की हिदायत दी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 August 2026, 11:32 AM IST

Rudraprayag: देवभूमि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में मानसून का असर अब खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। सोमवार सुबह से ही आसमान में घने बादलों का डेरा जमा हुआ है और रह-रहकर हो रही बारिश ने जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी है।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, उफनती अलकनंदा नदी अब डराने लगी है। अलकनंदा का जलस्तर चेतावनी के स्तर तक पहुँच गया है, जिससे तटीय इलाकों में रह रहे लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं।

चेतावनी स्तर पर पहुंची अलकनंदा

सोमवार सुबह 7 बजे दर्ज आंकड़ों के अनुसार, अलकनंदा नदी का जलस्तर 626.00 मीटर तक पहुंच चुका है, जो सीधे तौर पर इसके चेतावनी स्तर के बराबर है। हालाँकि, राहत की बात यह है कि मंदाकिनी और गौरीकुंड जैसी अन्य प्रमुख नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।

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फिर भी, स्थिति को भांपते हुए नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन की टीमें लाउडस्पीकर से मुनादी कराकर तटवर्ती इलाकों में रहने वाले निवासियों और तीर्थयात्रियों को नदी से दूरी बनाए रखने की सख्त सलाह दे रही हैं।

बारिश का दौर और थमे रास्तों के पहिए

पिछले 24 घंटों के दौरान जिले के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है। जखोली में सर्वाधिक 25 मिमी, ऊखीमठ में 12.50 मिमी और रुद्रप्रयाग तहसील में 4 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इस लगातार होती बारिश के कारण पहाड़ों से भूस्खलन का सिलसिला जारी है।

बदरीनाथ-केदारनाथ जाने वाले मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग भले ही सुचारू हों, लेकिन ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाले 12 संपर्क मार्ग (1 राज्य मार्ग, 4 पीडब्ल्यूडी, 6 पीएमजीएसवाई और 1 एनपीसीसी मार्ग) जगह-जगह मलबे के कारण पूरी तरह ठप हो गए हैं।

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आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह मुस्तैद

उत्तराखंड में मानसूनी सीजन की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि बंद पड़े ग्रामीण रास्तों को खोलने के लिए जेसीबी और कर्मियों की तैनाती की जाए। साथ ही, किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम को 24 घंटे एक्टिव रहने को कहा गया है।

Location :  Rudraprayag

Published :  3 August 2026, 11:32 AM IST