रामनगर के कठिया पुल खनन निकासी गेट पर ट्रांसपोर्टरों ने 10 टायरा वाहनों के बढ़ते प्रवेश के विरोध में गेट बंद किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया, लेकिन ट्रांसपोर्टरों ने रोजी-रोटी और दुर्घटना की संभावनाओं के कारण तुरंत कार्रवाई की मांग की।

रामनगर में 10 टायरा वाहनों के विरोध से खनन गेट पर हंगामा
Ramnagar: रामनगर में खनन निकासी गेटों पर ट्रांसपोर्टरों का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को कठिया पुल गेट पर 10 टायरा वाहनों के प्रवेश के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों ने प्रदर्शन किया और गेट को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया।
कोसी और दाबका नदी में खनन निकासी का कार्य पहले से ही शुरू हो चुका है। वहीं, कोसी नदी के कठिया पुल गेट पर विरोध ने प्रशासन को चुनौती दे दी है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि पिछले वर्षों में इस गेट पर 10 टायरा वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित था।
ट्रांसपोर्टरों ने आरोप लगाया कि इस बार 10 टायरा वाहनों के पंजीकरण से 6 टायरा और ट्रैक्टर ट्रॉली के मालिकों की रोजी-रोटी पर संकट पैदा हो गया है। उनका कहना है कि अधिकारियों ने पहले कहा था कि 20% वाहनों का पंजीकरण होगा, लेकिन वर्तमान में यह संख्या 50% से अधिक हो गई है।
विरोध का एक और कारण सड़क सुरक्षा है। ट्रांसपोर्टरों का दावा है कि 10 टायरा वाहनों के बढ़ते प्रवेश से दुर्घटनाओं की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। उन्होंने तत्काल इस गेट पर इन वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की और विरोध जारी रखने का ऐलान किया।
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ट्रांसपोर्टरों ने गेट पर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने गेट को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया। इस दौरान वन विभाग और वन निगम के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी हुई।
सोमवार को इस गेट का निरीक्षण एसडीएम प्रमोद कुमार, वन विभाग की एसडीओ किरण शाह और वन निगम के डीएलएम ललित आर्य ने किया। अधिकारियों को मौके पर ट्रांसपोर्टरों के विरोध का सामना करना पड़ा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसडीएम प्रमोद कुमार ने ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं पर संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करने और समाधान देने का भरोसा दिया।
स्थानीय प्रशासन और ट्रांसपोर्टरों के बीच तनाव बढ़ गया है। ट्रांसपोर्टरों ने साफ किया कि उनकी मांग पूरी नहीं होने तक गेट खोलने का सवाल ही नहीं उठता।
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि खनन उद्योग के साथ उनका रोजगार सीधे जुड़ा है। 10 टायरा वाहनों के प्रवेश से अन्य वाहनों के मालिकों की आमदनी प्रभावित हो रही है।
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इस विरोध ने प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी है कि कैसे खनन कार्य जारी रखते हुए सभी हितधारकों के हित सुरक्षित किए जाएं।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि गेट पर वाहनों के पंजीकरण और सुरक्षा के मुद्दों को लेकर जल्द समाधान निकाला जाएगा। इसके बाद ही गेट को सामान्य रूप से खोला जाएगा।