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रामनगर में जल संस्थान द्वारा दूषित पानी सप्लाई और टंकियों की उपेक्षा पर करणी सेना ने जोरदार प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
दूषित पेयजल पर जनता में बढ़ता असंतोष
Ramngar: जल संस्थान द्वारा नगर के कुछ इलाकों में दूषित पानी की सप्लाई को लेकर लोगों में बढ़ते असंतोष ने गुरुवार को जोर पकड़ा। करणी सेना के दर्जनों कार्यकर्ता जल संस्थान कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जताई।
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष सूरज चौधरी ने कहा कि जल संस्थान के पेयजल प्लांट से शहर के कुछ हिस्सों में लंबे समय से नदी का गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा है। उनका आरोप है कि सीवरेज और नालों का गंदा पानी सीधे जल संस्थान द्वारा जनता को वितरित किया जा रहा है, जिससे महामारी फैलने का गंभीर खतरा है।
सूरज चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि रामनगर के कई इलाकों में स्थापित पानी की टंकियों की सफाई लंबे समय से नहीं हुई है और उनकी सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का समाधान 15 दिन के भीतर नहीं हुआ, तो करणी सेना उग्र आंदोलन करेगी और जल संस्थान कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।
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कार्यकर्ताओं के हंगामे के दौरान जल संस्थान के जेई शीशपाल सिंह मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने करणी सेना के पदाधिकारियों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि विभाग स्थिति को सुधारने के लिए कदम उठा रहा है। हालांकि, करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने अपने रोष को जारी रखते हुए अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी।
करणी सेना के आरोपों के अनुसार दूषित पानी सप्लाई के कारण नगरवासियों में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे उत्पन्न हो सकते हैं। यदि सीवरेज और नालों का गंदा पानी सीधे पेयजल प्लांट में जा रहा है, तो इससे पेट और त्वचा संबंधी बीमारियों के फैलने की संभावना बढ़ जाती है।
करणी सेना
यह घटना सरकार और जल संस्थान की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। जनता लगातार शिकायत कर रही है कि उनकी शिकायतों के बावजूद विभाग ने पानी की सफाई और सुरक्षा के उपाय नहीं किए। करणी सेना का प्रदर्शन इस ओर ध्यान आकर्षित कर रहा है कि शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकारी जिम्मेदारी है।
करणी सेना ने स्पष्ट किया कि यदि 15 दिन के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे और बड़े आंदोलन की योजना बनाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके बाद कार्यालय पर उग्र प्रदर्शन के साथ ही जनआंदोलन भी किया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि शहर के कुछ इलाकों में दूषित पानी की सप्लाई और पेयजल टंकियों की उपेक्षा से स्वास्थ्य और सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। करणी सेना की चेतावनी प्रशासन और जल संस्थान के लिए गंभीर संकेत है।