
पिथौरागढ़ में भूस्खलन (सोर्स- एक्स)
Pithoragarh: देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का कहर जारी है। उत्तराखंड से लेकर गुजरात और महाराष्ट्र तक के कई शहरों में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस बीच उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से एक बड़ी खबर है, जहां गुरूवार दोपहर को भीषण भूस्खलन हुआ है। इस भूस्खलन के कारण कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बाधित हो गया है।
जानकारी के मुताबिक भारी बारिश के कारण पिथौरागढ़ जनपद में स्थित कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर एक विशाल चट्टान खिसक गई। चट्टान खिसकने के कारण कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बाधित हो गया है और व्यास घाटी में चीन सीमा से संपर्क कट गया है।
इसी मार्ग से कल शुक्रवार को कैलास मानसरोवर यात्रा के दूसरे दल को गुंजी जाना है।
इससे पहले पिथौरागढ़ में ही चीन सीमा को जोड़ने वाले दो मार्ग रविवार को लैंडस्लाइड के कारण बंद हो गए थे। हालांकि एक मार्ग आदि कैलाश वाला खुल गया था, लेकिन दूसरा मार्ग मंगलवार सुबह तक भी नहीं खुल पाया था। अब क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के कारण भूस्खलन की यह तीसरी घटना है, जिस कारण कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग टूट गया है।
मौसम विभाग ने 9 और 10 जुलाई को उत्तराखण्ड के कई जनपदों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली चमकने तथा तेज से अत्यंत तेज वर्षा के दौर की संभावना व्यक्त की। इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र (SEOC) ने सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक एहतियाती एवं सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
देहरादून, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर एवं चम्पावत जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग ने प्रदेशवासियों से मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अनावश्यक यात्रा से बचें, विशेषकर पर्वतीय एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से परहेज करें। नदी-नालों और बरसाती गधेरों के समीप न जाएं तथा खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।
Location : Pithoragarh
Published : 9 July 2026, 4:13 PM IST