नैनीताल के कालाढूंगी में फायरिंग और झगड़े के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। घटनास्थल से दो पिस्टल, एक तमंचा और पांच जिन्दा कारतूस बरामद। पुलिस टीम को एसएसपी ने 1,500 रुपये पुरस्कार से सम्मानित किया।

फायरिंग मामले में एसएसपी की टीम को मिला पुरस्कार
Nainital: उत्तराखंड के नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने कालाढूंगी क्षेत्र में हुई झगड़ा और फायरिंग की घटना में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना स्थल से दो अवैध पिस्टल, एक तमंचा और पांच जिन्दा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस टीम को एसएसपी ने 1,500 रुपए के पुरस्कार से सम्मानित किया।
जानकारी के अनुसार, 14 फरवरी 2026 की रात चौकी बेलपड़ाव को डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली कि हल्द्वानी रोड पर बैलपोखरा गांव जाने वाले तिराहे के पास कुछ व्यक्तियों के बीच झगड़ा और फायरिंग हुई। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी रामनगर, प्रभारी निरीक्षक कालाढूंगी और पुलिस बल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। हालांकि मौके पर कोई व्यक्ति नहीं मिला, लेकिन पुलिस ने बारीकी से निरीक्षण कर वीडियोग्राफी की और खोखे बरामद किए।
16 फरवरी को वादिनी बलजीत कौर ने कोतवाली कालाढूंगी में रंजीत सिंह, मनदीप सिंह उर्फ मंगा, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोप्पी और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ तहरीर दी। इस पर FIR No. 17/2026 धारा 109(1)/126(1)/352/351(3) BNS के तहत दर्ज की गई।
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एसएसपी नैनीताल के निर्देश पर एसपी हल्द्वानी एवं क्षेत्राधिकारी रामनगर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कालाढूंगी की टीम ने अभियुक्तों की तलाश शुरू की। सुरागरसी और अन्य माध्यम से मिली सूचना के आधार पर 20 फरवरी को गडप्पू बैरियर के पास से गुरप्रीत सिंह, रंजीत सिंह और मनदीप सिंह उर्फ मंगा को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में यह पता चला कि वादिनी के पति के मित्र हरभजन की रंजीत सिंह से पुरानी रंजिश थी। घटना की रात हरभजन ने रंजीत को बुलाया, जिसके बाद आरोपियों ने गाली-गलौज, मारपीट और फायरिंग की। इस मामले में FIR No. 18/2026 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत भी दर्ज की गई और न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी किए गए।
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एसएसपी नैनीताल ने घटनास्थल पर त्वरित कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को 1,500 रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया। गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ जारी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।