
फूलों से सजा बाबा केदार का धाम
Uttrakhand: पहाड़ों की वादियों में एक बार फिर घंटियों की गूंज और “हर हर महादेव” के जयकारे सुनाई देने वाले हैं। महीनों की बर्फीली खामोशी के बाद अब बाबा केदार का दरबार सजकर तैयार है। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से ठीक पहले सामने आई तस्वीरें इस बात की गवाही दे रही हैं कि इस बार भव्यता अपने चरम पर है। फूलों की खुशबू, श्रद्धालुओं की भीड़ और आस्था का उफान सब कुछ एक साथ देखने को मिलेगा।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के तहत सबसे अहम पड़ाव केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। 19 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के बाद अब सभी की नजरें केदारनाथ पर टिकी हैं। कपाट खुलने से पहले ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंच चुके हैं और उस ऐतिहासिक पल का इंतजार कर रहे हैं, जब बाबा केदार के दर्शन के लिए दरवाजे खोले जाएंगे।
इस बार केदारनाथ मंदिर की सजावट कुछ खास होने वाली है। मंदिर को करीब 51 क्विंटल फूलों से सजाया गया है, जो अपने आप में एक अनोखी पहल है। ये फूल खास तौर पर दिल्ली और पश्चिम बंगाल से मंगवाए गए हैं। मंदिर के चारों ओर रंग-बिरंगे फूलों की सजावट इतनी भव्य है कि हर कोई इसे देखकर मंत्रमुग्ध हो रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें और वीडियो इस भव्यता की झलक साफ दिखा रही हैं।
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धाम में पहुंचे श्रद्धालु सिर्फ दर्शन के लिए ही नहीं आए हैं, बल्कि वे सेवा में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। मंदिर को सजाने वाली टीम के साथ मिलकर कई भक्त कर सेवा कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर को सजाना भी भगवान शिव की भक्ति का एक रूप है। उनके लिए यह किसी सौभाग्य से कम नहीं कि उन्हें बाबा केदार के दरबार को सजाने का मौका मिला है।
चारधाम यात्रा की शुरुआत होते ही उत्तराखंड में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। हर साल की तरह इस बार भी लाखों भक्त बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने भी सुरक्षा, स्वास्थ्य और यात्रा सुविधाओं को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
केदारनाथ धाम का कपाट खुलना सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और संस्कृति का बड़ा उत्सव है। जैसे ही सुबह 8 बजे कपाट खुलेंगे, वैसे ही पूरे वातावरण में भक्ति का माहौल गूंज उठेगा।
सबसे बड़ा नियम यही है कि अब मंदिर परिसर के अंदर कोई भी श्रद्धालु मोबाइल फोन लेकर प्रवेश नहीं कर सकेगा। मंदिर समिति ने साफ कर दिया है कि यह फैसला धाम की पवित्रता और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अगर आप सोच रहे हैं कि अंदर जाकर फोटो या वीडियो बना लेंगे, तो ऐसा करना अब संभव नहीं होगा। मंदिर परिसर में फोटो खींचना, वीडियो बनाना या सोशल मीडिया के लिए रील शूट करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
मंदिर प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई भी श्रद्धालु इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
Location : Uttrakhand
Published : 21 April 2026, 6:09 PM IST