सुरक्षित इंटरनेट दिवस 2026 के अवसर पर 10 फरवरी को जिला कार्यालय सभागार में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। ‘स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प, एआई के सुरक्षित और ज़िम्मेदार उपयोग’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों, अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार उपयोग को लेकर जागरूक किया गया।

एआई और साइबर सुरक्षा पर जोर
Rudraprayag: जिला कार्यालय सभागार में, आज 10 फरवरी 2026 को सुरक्षित इंटरनेट दिवस 2026 के अवसर पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया । इस वर्ष की थीम 'स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प-एआई के सुरक्षित और ज़िम्मेदार उपयोग की खोज' रही। कार्यशाला का उद्देश्य तेजी से बढ़ते डिजिटल युग में इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, साइबर अपराधों से बचाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार इस्तेमाल को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों को जागरूक किया।
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ जिला स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी को डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने और तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने का संदेश दिया गया।
कार्यशाला में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अंकित सैनी ने इंटरनेट और साइबर सुरक्षा से जुड़े अहम विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने शैक्षिक वीडियो के माध्यम से बताया कि किस प्रकार फेक न्यूज़, सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक जानकारियां और फर्जी लिंक लोगों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
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इस दौरान ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, यूपीआई ओटीपी फ्रॉड, फेक कस्टमर केयर नंबर, मालवेयर, स्पाइवेयर, रिमोट एक्सेस स्कैम, डीपफेक एआई और वॉइस स्कैम जैसे विषयों पर उदाहरणों के साथ जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को यह भी समझाया गया कि मजबूत पासवर्ड, दो-स्तरीय प्रमाणीकरण और नियमित अपडेट जैसी साइबर हाइजीन प्रैक्टिस अपनाकर काफी हद तक जोखिम को कम किया जा सकता है।
अंकित सैनी ने साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपाय साझा करते हुए भारत सरकार की साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी या संदेहास्पद गतिविधि की तुरंत सूचना देने से नुकसान को रोका जा सकता है।
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इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग पर जोर देते हुए कहा गया कि एआई तकनीक जहां सुविधाएं बढ़ा रही है, वहीं इसके दुरुपयोग से नए तरह के साइबर खतरे भी सामने आ रहे हैं, जिनसे सतर्क रहना जरूरी है।
कार्यशाला के दौरान आगामी केदारनाथ यात्रा के मद्देनज़र हेली टिकट बुकिंग से जुड़े साइबर फ्रॉड पर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को केवल अधिकृत वेबसाइट और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म से ही टिकट बुक करने की सलाह दी, ताकि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी से बचा जा सके।
इस अवसर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेन्द्र बिष्ट, जिला पंचायत राज अधिकारी प्रेम सिंह रावत, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, सहायक निबंधक सहकारिता रणजीत सिंह राणा, प्रभारी शिकायत प्रकोष्ठ विनोद भास्कर सहित अनेक अधिकारी, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार डिजिटल समाज के संकल्प के साथ किया गया।