हेमकुंड साहिब में आस्था का सैलाब: मात्र 15 दिन में पहुंचे 70 हजार से ज्यादा श्रद्धालु, पिछले साल से दोगुना हुई यात्रियों की संख्या

श्री हेमकुंड साहिब यात्रा में 15 दिनों में 70 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। बर्फ के बीच कठिन रास्तों पर चमोली पुलिस और SDRF के जवान बीमार यात्रियों को रेस्क्यू कर और ग्लूकोज बांटकर श्रद्धालुओं की लगातार मदद कर रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 10 June 2026, 10:01 AM IST

Chamoli: विश्व प्रसिद्ध श्री हेमकुंड साहिब की पवित्र यात्रा इस वर्ष भारी श्रद्धा, आस्था और अभूतपूर्व उत्साह के साथ आगे बढ़ रही है। 23 मई से शुरू हुई इस यात्रा में मात्र 15 दिनों के भीतर ही 70 हजार से अधिक श्रद्धालु गुरुद्वारे में मत्था टेक चुके हैं। इस बार पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दुगने यात्री हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं।

समुद्र तल से लगभग 15 हजार फीट से अधिक की चुनौतीपूर्ण ऊंचाई पर स्थित इस पावन धाम में श्रद्धालुओं को चारों तरफ फैली बर्फ के बीच यात्रा करने का एक अनोखा और अलौकिक अनुभव मिल रहा है। जिला प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) के समन्वित प्रयासों से इतनी बड़ी संख्या के बावजूद यात्रा सुचारु और सुरक्षित ढंग से संचालित हो रही है।

प्रशासन का पुख्ता दावा: पार्किंग और शटल वाहनों की बेहतरीन व्यवस्था

दुर्गम पर्वतीय मार्ग और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए चमोली जिला प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। गोविंदघाट में वाहनों की पार्किंग के लिए एक बड़ा बुनियादी ढांचा विकसित किया गया है, जिसकी क्षमता 150 बसों, 747 कारों और 545 दोपहिया वाहनों को पार्क करने की है। इसके अलावा, पुलना पड़ाव पर स्थानीय व्यापारियों की मदद से 150 दोपहिया वाहनों के लिए अतिरिक्त पार्किंग स्पेस बनाया गया है।

गोविंदघाट से पुलना तक श्रद्धालुओं के सुगम सफर के लिए 60 स्थानीय वाहनों को रोटेशन प्रणाली के आधार पर 'शटल सेवा' के रूप में चलाया जा रहा है। पैदल मार्ग पर चलने में असमर्थ यात्रियों के लिए घोड़े-खच्चर के साथ-साथ डंडी-कंडी (पालकी) की भी पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

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मुश्किल रास्तों पर देवदूत बने चमोली पुलिस और SDRF के जवान

हेमकुंड साहिब का पैदल मार्ग अपनी कठिन चढ़ाई और कम ऑक्सीजन के स्तर के कारण बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ऐसे में यात्रा मार्ग पर तैनात चमोली पुलिस और एसडीआरएफ के जवान श्रद्धालुओं के लिए सच्चे मददगार साबित हो रहे हैं। हाल ही में हेमकुंड साहिब से लौटते समय ग्लेशियर क्षेत्र के पास लुधियाना (पंजाब) के रहने वाले हरप्रीत सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे चलने में पूरी तरह असमर्थ हो गए।

सूचना मिलते ही SDRF के आरक्षी बारू सिंह, एफएम वीरेंद्र सिंह और घांघरिया चौकी के कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह नेगी तुरंत मौके पर पहुंचे। टीम ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया और पालकी की व्यवस्था कराकर सकुशल घांघरिया गुरुद्वारे पहुंचाया। इसी तरह अत्यधिक थकान के कारण रास्ते में फंसे लुधियाना के ही निशान सूद और प्रथम सूद को भी जवानों ने सुरक्षित रेस्क्यू कर घांघरिया पहुंचाया।

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जयकारों के बीच बांटे गए ग्लूकोज पैकेट, लंगर की निरंतर सेवा

'सत श्री अकाल' और 'वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह' के गगनभेदी जयकारों के बीच जब श्रद्धालु गोविंदघाट से पुलना, भ्यूंडार और घांघरिया होते हुए आगे बढ़ रहे हैं, तो पुलिस उनकी सुरक्षा के साथ-साथ सेहत का भी ख्याल रख रही है।

चढ़ाई के दौरान डिहाइड्रेशन और थकान से बचाने के लिए चमोली पुलिस द्वारा पैदल यात्रा शुरू होने से पहले श्रद्धालुओं को ग्लूकोज के पैकेट और एनर्जी बूस्टिंग सामग्रियां बांटी जा रही हैं। इसके साथ ही, गोविंदघाट, घांघरिया और मुख्य हेमकुंड साहिब परिसर में निरंतर लंगर सेवा चल रही है, जिससे सभी श्रद्धालु बेहद खुश होकर अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं।

Location :  Chamoli

Published :  10 June 2026, 10:01 AM IST