हल्द्वानी STH में महालापरवाही: मोर्चरी स्टाफ ने बदला बुजुर्ग का शव, अंतिम संस्कार से ठीक पहले खुला खौफनाक राज

हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल (STH) की मोर्चरी में एक दिल दहला देने वाली लापरवाही सामने आई है। अस्पताल स्टाफ ने दो अलग-अलग शवों की अदला-बदली कर दी, जिसका खुलासा अंतिम संस्कार से ठीक पहले घर पर हुआ। जानिए पूरा मामला

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 22 June 2026, 10:53 AM IST

Haldwani: उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित राजकीय सुशीला तिवारी अस्पताल (STH) की मोर्चरी में रविवार को एक ऐसी संवेदनशील और गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने दो शोक संतप्त परिवारों के दुख को और अधिक गहरा कर दिया। अस्पताल प्रबंधन और मोर्चरी स्टाफ की घोर लापरवाही के कारण पोस्टमार्टम के बाद दो अलग-अलग मृतकों के शवों की अदला-बदली हो गई। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब एक परिवार अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था। शव बदलने की इस खबर के सामने आते ही अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा खड़ा हो गया।

अंतिम दर्शन के दौरान खुला लापरवाही का राज

पारिवारिक सूत्रों और स्वजन डॉ। गिरीश चंद्र जोशी से मिली जानकारी के अनुसार, पनियाली क्षेत्र के रहने वाले 64 वर्षीय रमेश चंद्र भट्ट ने बीते 17 जून को अज्ञात कारणों के चलते किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

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रविवार को औपचारिकताएं पूरी करने और पोस्टमार्टम होने के बाद मोर्चरी स्टाफ ने शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन रोते-बिलखते शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए घर पहुंचे। घर में जब अंतिम दर्शन के लिए कफन हटाया गया, तो वहां मौजूद लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। वह शव रमेश चंद्र भट्ट का नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति का था।

बागेश्वर के युवक का निकला शव, मोर्चरी पर काटा हंगामा

घर में मचे कोहराम के बीच जब परिजनों ने पड़ताल की तो पता चला कि जो शव वे भूलवश घर ले आए थे, वह बागेश्वर के चिड़ंग गांव के रहने वाले 40 वर्षीय युवक मनोज सिंह का था। मनोज सिंह की भी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई थी।

इस भयानक सच के सामने आते ही आक्रोशित परिजन तुरंत शव को वापस वाहन में रखकर सुशीला तिवारी अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे। वहां उन्होंने मोर्चरी स्टाफ के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर नारेबाजी और हंगामा किया।

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अस्पताल के शव प्रबंधन पर खड़े हुए बड़े सवाल

संयोग से, जिस बागेश्वर निवासी युवक मनोज सिंह का शव गलती से पनियाली चला गया था, उसके परिजन भी अपने प्रियजन के शव को लेने के लिए अस्पताल परिसर में ही मौजूद थे। जब उन्हें इस अदला-बदली की बात पता चली तो उनका गुस्सा भी सातवें आसमान पर पहुंच गया।

दोनों ही पीड़ित परिवारों ने मोर्चरी स्टाफ पर बेहद संवेदनशील मामलों में घोर लापरवाही बरतने और शवों की टैगिंग ठीक से न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने सुशीला तिवारी अस्पताल की शव प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

Location :  Haldwani

Published :  22 June 2026, 10:53 AM IST