नैनीताल में 5 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी का खुलासा, अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़

हल्द्वानी में डिजिटल अपराध की दुनिया से जुड़ी एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम देने वाले अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। SOG, साइबर सेल और मुखानी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के सरगना समेत छह आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 7 September 2026, 1:57 AM IST

Nainital: SOG नैनीताल, साइबर सेल और थाना मुखानी पुलिस की संयुक्त टीम ने अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लिया गया है।

पुलिस के अनुसार,  टीम को सूचना मिली। इसके आधार पर थाना मुखानी क्षेत्र की लक्ष्मण विहार कॉलोनी स्थित एक मकान पर त्वरित छापेमारी की गई। मौके से अवैध साइबर वित्तीय नेटवर्क का संचालन कर रहे मुख्य सरगना राहुल यादव निवासी इंदौर, मध्य प्रदेश समेत कुल छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया तथा दो विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लिया गया।

पुलिस के अनुसार मुख्य अभियुक्त राहुल यादव Binance ऐप के जरिए नगद पैसे जुटाकर USDT खरीदता था। इसके बाद टेलीग्राम के जरिए प्राप्त अनधिकृत UMASTER ऐप पर प्रतिदिन चार से पांच लाख रुपये मूल्य की USDT को तीन प्रतिशत अतिरिक्त मुनाफे और बोनस के लालच में बेचा जाता था। यह काम बिना किसी वैध दस्तावेज, KYC या स्रोत सत्यापन के किया जाता था।

गिरोह द्वारा अवैध रूप से प्राप्त धनराशि को निकालने के लिए लेयरिंग की जाती थी। इसके लिए स्थानीय युवाओं को तीन प्रतिशत कमीशन का लालच देकर लोगों के बैंक खाते, ATM कार्ड, चेकबुक और पासबुक हासिल किए जाते थे। इन म्यूल खातों का इस्तेमाल धनराशि निकालने के लिए किया जाता था।

गिरोह के सदस्य इन खातों से ATM के माध्यम से कैश निकालते थे और अधिक नकदी होने पर CDM के माध्यम से अन्य बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करते थे। खाताधारकों के सिम कार्ड भी गिरोह अपने पास रखता था, ताकि खाताधारक कोई धोखाधड़ी न कर सके।

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गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों में राहुल यादव (30 वर्ष) पुत्र अजय यादव, निवासी पंचवटी नगर, इंदौर, मध्य प्रदेश शामिल है। पुलिस के अनुसार वह गैंग लीडर और मुख्य संचालक है तथा पूर्व में थाना इंदौर ग्रामीण में धारा 420/409 भादवि के मामले में जेल जा चुका है।

दूसरा आरोपी हर्षित कुमार (26 वर्ष) पुत्र भरतवीर, निवासी गैस गोदाम रोड, शिव विहार, मुखानी, नैनीताल है, जिसकी भूमिका ATM विड्रॉल और CDM डिपाजिट की बताई गई है। तीसरा आरोपी कमल गोस्वामी (21 वर्ष) पुत्र नवीन गोस्वामी, निवासी तल्ली दीनी, मुक्तेश्वर, नैनीताल है, जो कमीशन पर म्यूल खाते उपलब्ध कराता था।

चौथा आरोपी साहिल कुमार (21 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय जीवन राम, निवासी कांडा, बागेश्वर और हाल निवासी दमुवाढुंगा, नैनीताल है, जो म्यूल खाते उपलब्ध कराता था। पांचवां आरोपी मौ. अयान (20 वर्ष) पुत्र मौ. यामीन, निवासी ग्राम कोरबकू, भोजपुर, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश है, जिसकी भूमिका इन्वेस्टर की बताई गई है। छठा आरोपी मौ. शुभान (24 वर्ष) पुत्र वाजिद हुसैन, निवासी ग्राम सलारपुरकला, संभल, उत्तर प्रदेश है, जिसकी भूमिका भी इन्वेस्टर की बताई गई है।

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बरामद सामान

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1 लाख 18 हजार 800 रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा एक Dell लैपटॉप मय चार्जर, एक Apple iPad और 11 आधुनिक स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए गए।  पुलिस ने विभिन्न बैंकों के 24 सक्रिय ATM/डेबिट कार्ड, 12 एक्टिव सिम कार्ड, छह चेकबुक, चार पासबुक और 16 बैंक जमा/CDM पर्चियां भी बरामद की हैं।

नैनीताल पुलिस ने लोगों से की अपील

नैनीताल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को कमीशन या पैसों के लालच में आकर अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक अथवा ATM कार्ड प्रयोग के लिए न दें।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने चार महीने में अब तक पांच करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की है।

Location :  Nainital

Published :  7 September 2026, 1:44 AM IST