पूर्व में जब सड़क का कुछ हिस्सा चौड़ा किया गया था, तब करीब 6 किलोमीटर तक ही काम हुआ और शेष मार्ग अधूरा रह गया। इसके पीछे प्रशासनिक या तकनीकी कारण बताए गए, लेकिन वर्ष बीत जाने के बावजूद अधूरा कार्य दोबारा शुरू नहीं हो सका। इस बीच कई बार सड़क पर हुए हादसों में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
दूधली सड़क चौड़ीकरण अधर में लटका
स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार प्रदर्शन कर प्रशासन और सरकार को जगाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिले। धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के बावजूद सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है।
हाल ही में जब सड़क पर पेचवर्क का कार्य शुरू हुआ, तो कांग्रेस नेता गौरव चौधरी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर स्थिति बिल्कुल उलट है। गौरव चौधरी ने बताया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दो-दो पूर्व मुख्यमंत्रियों द्वारा घोषणा करने के बावजूद दूधली मार्ग का चौड़ीकरण अब तक नहीं हो पाया है।
उन्होंने आगे कहा कि यह सड़क न केवल डोईवाला को देहरादून से जोड़ती है, बल्कि क्षेत्रीय विकास के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। लेकिन सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही। केवल चुनावी समय में घोषणाएं होती हैं और उसके बाद सबकुछ ठंडे बस्ते में चला जाता है।
वहीं, डोईवाला के वर्तमान विधायक बृजभूषण गैरोला ने दावा किया कि दूधली मार्ग का चौड़ीकरण शीघ्र ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन से वार्ता जारी है और आवश्यक बजट व स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू किया जाएगा।
फिलहाल, ग्रामीणों को इंतजार है उस दिन का जब उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी और उन्हें सुरक्षित व बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। तब तक वे सरकार से सवाल पूछते रहेंगे कि आखिर दूधली की सड़क का चौड़ीकरण कब होगा?