योगी सरकार के नए मंत्रियों को मिले विभाग, जानिए किस मंत्री को मिली कौन-सी जिम्मेदारी

यूपी सरकार में नई मंत्रियों के विभागों के बंटवारे में लगी अटकलें रविवार देर रात को खत्म हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार में हाल ही में शपथ लेने वाले नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद मंत्रियों को अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 17 May 2026, 11:27 PM IST

Lucknow: यूपी से योगी सरकार के विभागों के बंटवारे की बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश सरकार में 8 दिन पूर्व शपथ लेने वाले नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद मंत्रियों को अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार की ओर से जारी सूची के मुताबिक भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (MSME) की जिम्मेदारी दी गई है।

मनोज पाण्डेय को खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग सौंपा गया है। अजीत सिंह पाल को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सौंपा गया है।

वहीं सोमेन्द्र तोमर को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में राजनैतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग दिया गया है। कृष्णा पासवान को पशुधन एवं दुग्ध विकास, कैलाश सिंह राजपूत को ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, सुरेन्द्र दिलेर को राजस्व और हंस राज विश्वकर्मा को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में राज्य मंत्री बनाया गया है।

 Lucknow: देवरा बिल्डविल के डायरेक्टर पर ₹3.81 करोड़ की ठगी, जालसाजी और दफ्तर में बंधक बनाकर मारपीट का मुकदमा दर्ज

जातीय समीकरण साधने की कोशिश

विभागों के इस बंटवारे को सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने के साथ-साथ 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और सरकार के बीच तालमेल मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। इनमें से 5 दलित और ओबीसी समुदाय से हैं, जबकि एक मंत्री ब्राह्मण वर्ग से आते हैं। योगी सरकार ने 2027 चुनाव से पहले जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है।

योगी कैबिनेट में 6 नए मंत्रियों- भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडेय, सुरेंद्र दिलेर, कैलाश राजूपत, कृष्णा पासवान और हंसराज विश्वकर्मा को जगह मिली थी। वहीं, दो अन्य मंत्रियों सोमेंद्र तोमर और अजीत पाल सिंह का प्रमोशन किया गया. ये दोनों पहले राज्य मंत्री थे।

भाजपा ने इस मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए 2027 की शुरुआत में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक, जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश की है।

लखनऊ पुलिस को बदमाशों ने दी खुली चुनौती, क्या ‘यादव’ का था इतना बड़ा कसूर? जो दिनदहाड़े माथे में मार दी गोली

वहीं मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सोमवार  को योगी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक होगी।  वहीं अब जब नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हो चुका तो सभी मंत्री सोमवार को होने वाली इस बैठक में तैयारी से जाएंगे।

 

Location :  Lucknow

Published :  17 May 2026, 10:49 PM IST