त्योहार आते ही क्यों जागता है खाद्य विभाग? दीपावली पर मिठाइयों की दुकानों पर छापेमारी, बाकी दिनों में कहां सोता…

दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम बाजारों में सक्रिय हो गई है। फरेंदा से लेकर नौतनवा तक मिठाइयों की दुकानों पर निरीक्षण कर खोया और छेना मिठाई के नमूने संग्रहित किए जा रहे हैं।

Updated : 28 October 2026, 5:47 PM IST
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महराजगंज: त्योहार नजदीक आते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की सक्रियता बढ़ने लगी है। मिठाइयों की दुकानों पर निरीक्षण और नमूना संग्रह की कार्रवाई शुरू हो गई है। दीपावली के मद्देनजर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने फरेंदा और नौतनवा में मिठाई की दुकानों का निरीक्षण कर खोया एवं छेना मिठाई के नमूने लिए। हालांकि, इस कार्रवाई के साथ ही विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठ रहे हैं कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पूरे साल ऐसी सख्ती क्यों नहीं दिखाई देती?

फरेंदा और नौतनवा की दुकानों पर पहुंची टीम

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ के आदेश तथा जिलाधिकारी महराजगंज और प्रभारी सहायक आयुक्त (खाद्य)-II केके उपाध्याय के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

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इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने महराजगंज रोड, फरेंदा स्थित एम/एस तारा मिष्ठान भंडार का निरीक्षण किया। यहां से खोया और छेना मिठाई के नमूने संग्रहित किए गए। इसके बाद टीम ने नौतनवा की मेन मार्केट स्थित एम/एस कस्तूरी स्वीट हाउस का निरीक्षण किया। यहां से भी खोया एवं छेना मिठाई के नमूने लिए गए। अधिकारियों ने संबंधित दुकानदारों को आवश्यक निर्देश भी दिए।

विभागीय जानकारी के अनुसार, अभियान के दौरान कुल चार नमूने संग्रहित कर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। नमूनों की गुणवत्ता को लेकर अंतिम स्थिति प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

त्योहारों पर ही क्यों याद आती है खाद्य पदार्थों की शुद्धता?

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई जरूरी है, लेकिन सवाल यह है कि क्या मिलावट के खतरे केवल त्योहारों के दौरान ही होते हैं? दूध, पनीर, खोया, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की खपत पूरे साल होती है। ऐसे में आम दिनों में भी बाजारों की नियमित निगरानी और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जांच उतनी ही महत्वपूर्ण है।

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त्योहारों के दौरान अभियान चलाकर नमूने लेना अच्छी पहल है, लेकिन इसकी सफलता तभी मानी जाएगी जब जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमों के अनुसार कार्रवाई हो और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था भी प्रभावी बनी रहे। केवल त्योहारों पर दिखाई देने वाली सक्रियता से उपभोक्ताओं के मन में उठने वाले सवालों का पूरी तरह जवाब नहीं मिल सकता।

जांच रिपोर्ट के बाद क्या होगी कार्रवाई?

फिलहाल फरेंदा और नौतनवा की दुकानों से लिए गए नमूनों को जांच के लिए भेजा जा रहा है। अब निगाहें प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि किसी नमूने में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

Location :  Maharajganj

Published :  28 October 2026, 5:47 PM IST

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