लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में फर्जी डॉक्टर क्या कर रहा था?

लखनऊ के केजीएमयू में खुद को डॉक्टर बताने वाले युवक को छात्रों ने पकड़ लिया। आरोपी पर छात्राओं को बहलाने और धर्मांतरण रैकेट से जुड़े होने का शक है। मामले ने कॉलेज परिसर में हड़कंप मचा दिया है और जांच शुरू हो गई है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 21 April 2026, 6:53 PM IST

Lucknow: लखनऊ के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक युवक नकली पहचान के सहारे अंदर घूमते हुए पकड़ा गया। खुद को डॉक्टर बताकर छात्राओं को झांसा देने वाला ये शख्स लंबे समय से कैंपस में सक्रिय था। लेकिन जैसे ही उसकी असलियत पर शक गहराया, छात्रों ने उसे घेरकर पकड़ लिया। मामला अब सिर्फ धोखाधड़ी तक सीमित नहीं बल्कि धर्मांतरण रैकेट से जुड़े गंभीर आरोपों तक पहुंच गया है।

कैंपस में फर्जी डॉक्टर बनकर घूम रहा था युवक

पूरा मामला किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) का है, जहां हसम अहमद नाम बताने वाला युवक लंबे समय से खुद को डॉक्टर बताकर कैंपस में घूम रहा था। युवक छात्रों के बीच खुद को सीनियर डॉक्टर बताता था और इसी बहाने उन पर रौब झाड़ता था। उसकी हरकतें धीरे-धीरे छात्रों के लिए संदिग्ध होती चली गईं।

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छात्राओं को देता था झांसा

जानकारी के मुताबिक आरोपी छात्राओं को कॉन्फ्रेंस के नाम पर AIIMS Delhi ले जाने का झांसा देता था। वह खुद को इतना प्रभावशाली दिखाता था कि कई छात्राएं उसकी बातों में आ गईं। यहीं से छात्रों को उस पर शक होना शुरू हुआ।

पुराने लखनऊ में लगाया कैंप

मामला तब और गंभीर हो गया, जब हसम अहमद ने पुराने लखनऊ इलाके में एक कैंप भी आयोजित किया, जिसमें केजीएमयू की कुछ छात्राएं शामिल हुई थीं। इस घटना के बाद छात्रों को उसकी गतिविधियों पर और ज्यादा संदेह हुआ। उन्हें लगा कि मामला सिर्फ फर्जी डॉक्टर बनने का नहीं, बल्कि किसी बड़े रैकेट से जुड़ा हो सकता है।

छात्रों ने सर्जरी विभाग के पास दबोचा

शक गहराने के बाद केजीएमयू के छात्रों ने खुद ही मोर्चा संभाला और आरोपी पर नजर रखना शुरू किया। मंगलवार को जैसे ही वह सर्जरी विभाग के पास नजर आया, छात्रों ने उसे घेर लिया और पकड़ लिया। इसके बाद पूरे कैंपस में हड़कंप मच गया।

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प्रवक्ता ने दी जानकारी

केजीएमयू के प्रवक्ता प्रोफेसर केके सिंह ने बताया कि आरोपी खुद को डॉक्टर बताकर कैंपस में घूमता था और छात्रों पर प्रभाव जमाने की कोशिश करता था। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों की सतर्कता की वजह से ही इस पूरे मामले का खुलासा हो पाया।

जांच के घेरे में पूरा मामला

फिलहाल आरोपी को पकड़ने के बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। धर्मांतरण रैकेट से जुड़े आरोपों को लेकर भी जांच एजेंसियां गंभीरता से पड़ताल कर रही हैं। कॉलेज प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी कब से कैंपस में सक्रिय था और उसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।

Location :  Lucknow

Published :  21 April 2026, 6:53 PM IST