गाजियाबाद में PM मोदी के नाम का शिलापट्ट गायब होने से मचा बवाल, अस्पताल पहुंचे विधायक नंदकिशोर गुर्जर

गाजियाबाद के कमला नेहरू नगर स्थित यूनानी अस्पताल के मुख्य द्वार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम का शिलापट हटाए जाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर अस्पताल पहुंचे और अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने शिलापट दोबारा लगाने और पूरे मामले की जांच की मांग की। अस्पताल प्रशासन ने शिलापट के मुख्य द्वार पर लगाए जाने को लेकर अलग दावा किया है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 3 September 2026, 5:49 AM IST

Ghaziabad News: कमला नेहरू नगर स्थित यूनानी अस्पताल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम का शिलापट हटाए जाने का मामला सामने आने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्य द्वार से शिलापट गायब होने की शिकायत के बाद पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर परिसर स्थित कार्यालय से एक शिलापट बरामद किया था। अब लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर भी अस्पताल पहुंचे और अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। विधायक ने शिलापट हटाए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे दोबारा मुख्य द्वार पर लगाने की मांग की है।

विधायक ने मांगी पूरे मामले की जांच

विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने अधिकारियों से बातचीत के दौरान कहा कि अगर प्रधानमंत्री के नाम से शिलापट मुख्य द्वार पर लगाया गया था और बाद में उसे हटाया गया, तो इसकी वजह सामने आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच हो और अगर शिलापट जानबूझकर हटाया गया है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।विधायक के मुताबिक उन्होंने मामले को लेकर पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी से भी बातचीत की है। उन्होंने कहा कि प्रकरण की जानकारी मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार को भी दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर पत्र भेजकर जांच की मांग की जाएगी।

350 करोड़ की लागत से बना है अस्पताल

कमला नेहरू नगर स्थित यूनानी अस्पताल करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसका उद्घाटन 11 दिसंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से किया था। करीब साढ़े तीन साल बाद अस्पताल के मुख्य द्वार पर प्रधानमंत्री के नाम से जुड़े शिलापट को लेकर विवाद सामने आया है। इस मामले को लेकर रविवार के अंक में अमर उजाला ने 'पीएम के नाम का शिलापट गायब, पांच घंटे खोजबीन' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद विधायक ने मामले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल पहुंचकर अधिकारियों के सामने मुद्दा उठाया।

अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी सवाल

विधायक ने अस्पताल में मरीजों और स्टाफ से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर भी कुछ आरोप लगाए। उन्होंने अधिकारियों से इन बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रशासन ने रिकॉर्ड और अपनी जांच के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने की बात कही है। विधायक ने यह भी कहा कि अस्पताल में इलाज कराने वाले सभी मरीजों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए और किसी के साथ धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।

अस्पताल प्रभारी ने क्या कहा?

यूनानी अस्पताल के प्रभारी नसीम अहमद ने शिलापट को लेकर अलग जानकारी दी। उनका कहना है कि उद्घाटन के समय मुख्य द्वार के बाहर इस तरह की प्लेट नहीं लगाई गई थी। उनके मुताबिक अस्पताल से जो प्लेट बरामद हुई है, उसका रंग परिसर में लगी अन्य प्लेटों से भी मेल नहीं खाता है। उन्होंने कहा कि अगर जांच में यह प्रमाणित होता है कि शिलापट मुख्य द्वार से हटाया गया था, तो यह गंभीर मामला है और इसकी जांच होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे प्रकरण से जुड़े तथ्यों की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि शिलापट कहां लगाया गया था और उसे हटाने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।

Location :  Ghaziabad

Published :  3 September 2026, 5:49 AM IST