UP STF ने सेना में भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले कन्नौज के शातिर की लखनऊ में तोड़ी कमर, जानिये कैसे करता था वसूली

उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने सेना में भर्ती कराने के नाम पर युवकों से लाखों रुपये ठगने वाले कन्नौज निवासी आरोपी को लखनऊ से गिरफ्तार किया। आरोपी मेडिकल टेस्ट पास कराने का झांसा देता था और असफल होने पर आंशिक रकम लौटाकर शिकायत से बचता था।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 25 February 2026, 5:08 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ द्वारा सेना में भर्ती कराने के नाम पर बेरोजगार युवकों से ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी बेरोजगार युवकों को मेडिकल टेस्ट पास कराने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था और असफल होने पर आंशिक रकम लौटाकर शिकायत से बचने की कोशिश करता था। एसटीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

सेना भर्ती के नाम पर लाखों की ठगी

गिरफ्तार आरोपी की पहचान आलोक तिवारी पुत्र वेद प्रकाश निवासी भोजपुर निगोह, थाना विशुनगढ़, छिबरामऊ, जनपद कन्नौज के रूप में की गई। आरोपी अपना छद्म नाम व पता बताया करता था, जो आकाश कुमार पुत्र यादराम निवासी गोवा सतौरा, कन्नौज है।

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एसटीएफ को पिछले कुछ दिनों से लखनऊ और आसपास के जिलों से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ जालसाज भारतीय सेना में भर्ती कराने के नाम पर युवकों को ठग रहे हैं। इन सूचनाओं के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक दीपक कुमार सिंह के निर्देशन में टीम गठित कर जांच शुरू की गई।

एसटीएफ ने लखनऊ में कन्नौज के शातिर को दबोचा

24 फरवरी 2026 को मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ टीम ने थाना कैंट क्षेत्र में उस्मान चौराहा और सदर बाजार के बीच से आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसकी पहचान आलोक तिवारी के रूप में हुई, जो कन्नौज जनपद का रहने वाला है। उसके पास से पांच मूल अंकपत्र, एक फर्जी आधार कार्ड, एक वास्तविक आधार कार्ड, एक एटीएम कार्ड और 1430 रुपये नकद बरामद किए गए।

फर्जी दस्तावेज और नकदी बरामद

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी सेना भर्ती केंद्रों के आसपास घूमता रहता था और मेडिकल टेस्ट में पहली बार असफल हुए युवकों को निशाना बनाता था। वह उन्हें मेडिकल टेस्ट पास कराने का झांसा देकर एक से डेढ़ लाख रुपये तक वसूलता था। आरोपी कथित तौर पर युवकों को टेस्ट से पहले इंजेक्शन लगवाने और कान साफ कराने जैसी गैरकानूनी तरकीबें अपनाता था, ताकि वे दोबारा मेडिकल में सफल हो सकें।

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यदि कोई युवक स्वयं मेडिकल टेस्ट पास कर जाता था तो आरोपी पूरी रकम हड़प लेता था, जबकि असफल होने पर 10 से 20 हजार रुपये काटकर शेष राशि वापस कर देता था, ताकि पीड़ित शिकायत न करें। इतना ही नहीं, वह युवकों की मूल मार्कशीट अपने पास रख लेता था, जिससे वे मजबूरी में पैसा देने को तैयार हो जाते थे।

आरोपी के खिलाफ थाना कैंट, लखनऊ में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 25 February 2026, 5:08 PM IST