यूपी पावर कारपोरेशन के खिलाफ CBI जांच की मांग, विद्युत उपभोक्ता परिषद ने खोला मोर्चा; जानिये पूरा मामला

यूपी विद्युत उपभोक्ता परिषद ने यूपी पावर कारपोरेशन द्वारा बिना अनुमति प्रीपेड मीटर लगाने और 6016 रुपए वसूलने के मामले में CBI जांच की मांग की। नियमों का उल्लंघन और निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के आरोप गंभीर हैं

Post Published By: Subhash Raturi
Updated : 6 November 2025, 3:21 PM IST

Lucknow: स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को लेकर यूपी में विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता से बातचीत में यूपी विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बताया कि पावर कारपोरेशन ने बिना नियामक आयोग की अनुमति के उपभोक्ताओं के घरों में प्रीपेड मीटर लगाना शुरू कर दिया है।

उपभोक्ताओं से वसूली का मामला

अवधेश वर्मा ने कहा कि मीटर लगाने के लिए उपभोक्ताओं से 6016 रुपए वसूले जा रहे हैं। यह कदम नियमों का उल्लंघन है और इसके लिए उपभोक्ताओं की शिकायत पहले ही प्रमुख सचिव ऊर्जा को की जा चुकी है।

सरकारी चेतावनी और नियमों का उल्लंघन

7 सितंबर को पावर कारपोरेशन ने आदेश जारी किया कि लगभग साढ़े 3 करोड़ उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। नियामक आयोग ने भी पावर कारपोरेशन को चेतावनी दी है और जुर्माने का संकेत दिया है।

भारत की बेटियों ने रचा इतिहास, लखनऊ की गलियों में गूंजा- जय हिन्द, जय महिला क्रिकेट!

निजी कंपनियों को फायदा

अवधेश वर्मा ने आरोप लगाया कि लगातार नियम बदलकर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को भी शिकायत दी गई थी, लेकिन पावर कारपोरेशन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

यूपी विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)

CBI जांच की मांग

इस विवाद के समाधान के लिए अवधेश वर्मा ने यूपी सरकार से मांग की है कि पावर कारपोरेशन की जांच सीबीआई कराए। उनका कहना है कि इससे उपभोक्ताओं का विश्वास लौटेगा और नियमों का पालन सुनिश्चित होगा।

उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ी

स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के इस कदम से उपभोक्ताओं में चिंता और नाराजगी बढ़ रही है। विधिवत अनुमति के बिना मीटर लगाना और शुल्क वसूलना उपभोक्ताओं के लिए गंभीर समस्या बन गया है।

सरकार पर दबाव

विद्युत उपभोक्ता परिषद की यह मांग स्पष्ट संदेश देती है कि सरकार को पावर कारपोरेशन पर कार्रवाई करनी होगी। यदि उचित कदम नहीं उठाए गए, तो उपभोक्ताओं का भरोसा और भी कमजोर हो सकता है।

IET लखनऊ में छात्र की रहस्यमय मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, जानिये पूरा मामला

अवधेश वर्मा का बयान

हमारी यूपी सरकार से अपील है कि पावर कारपोरेशन की जांच सीबीआई से कराई जाए। नियमों का पालन और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा हमारी प्राथमिकता है।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 6 November 2025, 3:21 PM IST