UP: भक्ति की आड़ में ‘नेटवर्क’ का खुलासा, IITian बाबा पर गंभीर आरोप; लैपटॉप से मिल सकते हैं बड़े सबूत

आईआईटी रुड़की से पढ़े अभिषेक मिश्रा, जिन्होंने मुंबई की लाखों की नौकरी छोड़कर राधाकुंड में खुद को आध्यात्मिक गुरु के रूप में स्थापित किया, अब गंभीर आरोपों के घेरे में हैं। उन पर युवतियों को बहलाने, शोषण करने और कथित नेटवर्क चलाने के आरोप लगे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 5 June 2026, 8:34 AM IST

Mathura: उत्तर प्रदेश के मथुरा क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शिक्षा, सफलता और आध्यात्मिकता की सीमाओं को हिला कर रख दिया है। आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग करने वाले अभिषेक मिश्रा, जिन्होंने मुंबई की 21 लाख रुपये सालाना नौकरी छोड़कर खुद को आध्यात्मिक गुरु के रूप में स्थापित किया था, अब गंभीर आरोपों के घेरे में हैं। उन पर भक्ति की आड़ में युवतियों को बहलाने, शोषण करने और एक कथित नेटवर्क चलाने के आरोपों की जांच चल रही है।

पूरा मामला क्या है

यह पूरा मामला राधाकुंड क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां अभिषेक मिश्रा ने नौकरी छोड़ने के बाद खुद को ‘आदिकर्ता नारायण दास’ के रूप में स्थापित किया। अभिषेक मिश्रा ने वर्ष 2021 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की से डिग्री हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने मुंबई में करीब 21 लाख रुपये सालाना पैकेज की नौकरी शुरू की थी, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग अपनाने का निर्णय लिया।

नौकरी छोड़कर अध्यात्म की ओर

जानकारी के अनुसार, अभिषेक की मां रिटायर्ड स्कूल प्रिंसिपल थीं, जो बाद में राधाकुंड आकर भक्ति में लीन हो गई थीं। इसी दौरान अभिषेक का भी आना-जाना यहां बढ़ा और धीरे-धीरे वह पूरी तरह अध्यात्म की ओर आकर्षित हो गया। करीब एक साल नौकरी करने के बाद उसने अपनी जॉब छोड़ दी और राधाकुंड में स्थायी रूप से रहने लगा। यहीं से उसने खुद को धार्मिक पहचान देने की शुरुआत की और बाद में अपना नाम बदलकर ‘आदिकर्ता नारायण दास’ रख लिया।

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आरोप और जांच

पुलिस जांच में आरोप है कि अभिषेक मिश्रा ने भक्ति और अध्यात्म के नाम पर एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया, जिसमें देशभर के युवक-युवतियों को जोड़ा गया। उन पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को प्रभावित किया और बाद में उन्हें राधाकुंड बुलाया।

लठैतों का नेटवर्क और दबदबा

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वह अपनी सुरक्षा और प्रभाव बनाए रखने के लिए कुछ लोगों को साथ रखता था, जिन्हें स्थानीय स्तर पर ‘लठैत’ कहा जा रहा है। इनका काम न सिर्फ सुरक्षा देना था, बल्कि आश्रम में किसी भी तरह के विरोध या सवाल उठाने वालों को डराना-धमकाना भी बताया जा रहा है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

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डिजिटल नेटवर्क और लैपटॉप से खुलासे की उम्मीद

पुलिस ने आरोपी के ठिकाने से एक लैपटॉप भी बरामद किया है। अधिकारियों का मानना है कि इसमें वित्तीय लेन-देन, ऑनलाइन संपर्क और देश-विदेश से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या ऑनलाइन मीटिंग्स के जरिए लोगों को प्रभावित कर उन्हें इस कथित नेटवर्क से जोड़ा गया था।

Location :  Mathura

Published :  5 June 2026, 8:34 AM IST