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प्रतीकात्मक छवि (Img- Canva)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश की आस लगाए बैठे लोगों को प्रकृति ने बड़ा झटका दिया है। ऐसा लग रहा है कि यूपी की तपती धरती को कुछ दिन तरसाने के बाद मानसून ने अपना रास्ता बदल लिया है।
मौसम विभाग के अनुसार, पाकिस्तान की तरफ से आ रही सूखी और गर्म हवाओं ने प्रदेश के करीब 80 प्रतिशत हिस्से से मानसूनी बादलों को खदेड़ दिया है। नतीजतन, सावन के महीने में भी लोगों को जेठ जैसी उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बारिश न होने का सबसे बड़ा कारण मानसून ट्रफ का खिसकना है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसूनी रेखा (ट्रफ) इस समय हिमालय की पहाड़ियों की तरफ बढ़ गई है।
जब तक यह वापस मैदानी इलाकों का रुख नहीं करती, तब तक भारी बारिश की उम्मीद नहीं की जा सकती। हवा में नमी का स्तर बहुत ज्यादा है, जो सूखी हवाओं के साथ मिलकर असहनीय उमस पैदा कर रहा है।
आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि इस साल बादलों ने उत्तर प्रदेश से बेरुखी अख्तियार कर ली है। 1 जून से 14 जुलाई के बीच राज्य में सामान्य से 22 फीसदी कम (केवल 163.1 मिमी) बारिश दर्ज की गई है।
बीते मंगलवार को भी पूरे राज्य के सिर्फ 11 जिलों में मामूली बूंदबांदी हुई। पश्चिमी यूपी में तो अगले 6 से 7 दिनों तक बारिश की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है, जबकि पूर्वी यूपी को राहत के लिए 18 जुलाई के बाद तक का इंतजार करना होगा।
मौसम विभाग ने बुधवार को लखनऊ सहित यूपी के 33 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की फुल्की फुहारें पड़ने की संभावना जताई है। इन जिलों में प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, सहारनपुर, मुरादाबाद और बरेली जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
हालांकि, यह बारिश जमीन की प्यास बुझाने के बजाय उमस को और बढ़ाएगी। लखनऊ में अधिकतम तापमान 38°C और न्यूनतम 29°C रहने का अनुमान है, जिससे दिनभर लोग पसीने से बेहाल रहेंगे।
Location : Lucknow
Published : 15 July 2026, 8:29 AM IST