Gorakhpur News: इनाम घोषित होने के बाद घुटने पर आया आरोपी, जानिए कैसे पुलिस के डर से कोर्ट में सरेंडर किया निलंबित लिपिक

शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में लंबे समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी निलंबित लिपिक संजीव सिंह ने आखिरकार अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव पहले ही जेल जा चुकी हैं। संजीव के सरेंडर से अब वसूली सिंडिकेट की जांच तेज होगी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 21 June 2026, 12:41 PM IST

Gorakhpur: शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में फरार चल रहे निलंबित लिपिक संजीव सिंह ने आखिरकार अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। इस मामले में संजीव सिंह की गिरफ्तारी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। लंबे समय से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए वह फरार चल रहा था।

आत्महत्या प्रकरण ने उठाए थे गंभीर सवाल

गौरतलब है कि यह मामला शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या से जुड़ा है, जिसने पूरे प्रदेश में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। मृतक शिक्षक की पत्नी की तहरीर पर तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी श्रीवास्तव, निलंबित लिपिक संजीव सिंह तथा अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

अवैध वसूली और दबाव बनाने के आरोप

आरोप था कि विभागीय कार्रवाई और उच्च न्यायालय के आदेश का भय दिखाकर शिक्षकों से अवैध धन उगाही की जा रही थी। जांच के दौरान सामने आया था कि तीन शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि उच्च न्यायालय के आदेशों के नाम पर शिक्षकों पर दबाव बनाया गया और मोटी रकम वसूलने का प्रयास किया गया। इसी मानसिक प्रताड़ना और दबाव से परेशान होकर शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने आत्मघाती कदम उठा लिया।

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सुसाइड नोट से जांच को मिली नई दिशा

मामले को उस समय और गंभीर माना गया जब मृतक शिक्षक की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। इस सुसाइड नोट में कथित तौर पर उन लोगों के नाम और आरोपों का उल्लेख था, जिन्हें शिक्षक अपनी परेशानी और मानसिक तनाव के लिए जिम्मेदार मान रहे थे। सुसाइड नोट सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी थी।

पहले हो चुकी है BSA और एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी

पुलिस विवेचना के आधार पर इस प्रकरण में पहले ही तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और अनिरुद्ध नामक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों के खिलाफ न्यायालय में आवश्यक कार्रवाई भी की जा रही है। वहीं संजीव सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी और उसकी सूचना देने वाले पर इनाम भी घोषित किया गया था।

आत्मसमर्पण के बाद जांच को मिलेगी नई गति

अब संजीव सिंह के आत्मसमर्पण के बाद मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई को नई गति मिलने की उम्मीद है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शिक्षक आत्महत्या प्रकरण में यह आत्मसमर्पण जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

Location :  गोरखपुर

Published :  21 June 2026, 12:41 PM IST