मक्के के खेत में छिपा था काल, एक झटके में उजड़ गया परिवार; क्या सिर्फ हादसा थी सुनील की मौत?
बदायूं के दातागंज क्षेत्र में मक्का तोड़ने गए 32 वर्षीय सुनील की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनकी 12 वर्षीय भतीजी गंभीर रूप से झुलस गई। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर जर्जर और लटके तारों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है।
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के दातागंज कोतवाली क्षेत्र स्थित खानपुर दया गांव में एक ऐसा वाकया हुआ जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गांव का रहने वाला 32 वर्षीय सुनील (पुत्र देव सिंह) मंगलवार को अपनी 12 साल की भतीजी प्रतीक्षा (पुत्र अजीत) के साथ खेत में मक्के की पकी फसल तोड़ने गया था। दोनों चाचा-भतीजी काम में मशगूल थे कि तभी अचानक एक तेज चीख गूंजी और पल भर में सब कुछ खत्म हो गया।
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दरअसल, मक्के के उस खेत के ठीक ऊपर से बिजली विभाग की हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी। मक्का तोड़ते समय सुनील का ध्यान ऊपर नहीं गया और वह अचानक इन तारों की चपेट में आ गया। करंट इतना जोरदार था कि सुनील को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई। वहीं पास खड़ी मासूम प्रतीक्षा भी इसकी चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गई। आनन-फानन में ग्रामीणों ने बच्ची को इलाज के लिए बरेली के अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
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सुनील अपने पीछे दो मासूम बच्चों (एक 7 वर्ष और दूसरा 5 वर्ष) को छोड़ गया है। घर के कमाऊ सदस्य की इस तरह अचानक मौत से पत्नी बेसुध हो चुकी है और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची दातागंज कोतवाली पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे जिला मुख्यालय पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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इस दर्दनाक कांड के बाद पूरे गांव में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार काफी समय से जर्जर हैं और नीचे लटके हुए हैं। हरी-भरी फसलों के बीच ये तार मौत का जाल बने हुए थे। ग्रामीणों ने कई बार लिखित शिकायत की थी, लेकिन अफसरों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
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घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को उठाने से इंकार करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया था। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी (SDM) ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और 'कृषक दुर्घटना बीमा योजना' के तहत तत्काल आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही, जिला प्रशासन के कड़े रुख को देखते हुए बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता ने संबंधित क्षेत्र के लाइनमैन और जूनियर इंजीनियर (JE) के खिलाफ लापरवाही बरतने के आरोप में आंतरिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।