
मुजफ्फरनगर से गुजरी अनोखी कांवड़ (IMG: Dynamite News)
Muzaffarnagar: सड़कों पर गूंजते "बोल बम" के जयकारे, डीजे की धुन पर थिरकते शिवभक्त और हजारों लोगों की निगाहें एक ऐसी भव्य कांवड़ पर टिक गईं जिसने पूरे रास्ते का माहौल बदल दिया। मुजफ्फरनगर से गुजर रही इस विशाल कांवड़ ने हर किसी को रुककर देखने पर मजबूर कर दिया। तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर तैयार की गई यह अनोखी कांवड़ न सिर्फ अपनी भव्यता बल्कि उस पर खर्च हुई लाखों की लागत और उसे खींच रहे 50 शिवभक्तों की टोली की वजह से भी चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां-जहां से यह कांवड़ गुजरी, वहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और लोग मोबाइल कैमरों में इस अद्भुत नजारे को कैद करते नजर आए।
सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा पूरे शबाब पर है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से रोजाना हजारों कांवड़िए गुजर रहे हैं, लेकिन इस बार एक ऐसी कांवड़ ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया जो तिरुपति बालाजी मंदिर के स्वरूप में तैयार की गई है। कांवड़ को बेहद बारीकी से सजाया गया है। मंदिर की आकृति, आकर्षक लाइटिंग, रंग-बिरंगी सजावट और डीजे की व्यवस्था इसे दूसरी कांवड़ों से बिल्कुल अलग बना रही है।
इस अनोखी कांवड़ को तैयार करने में लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। शिवभक्त रविंद्र ने बताया कि पूरी कांवड़ और उसके साथ चल रहे डीजे सिस्टम पर करीब 8 से 9 लाख रुपये की लागत आई है। कई महीनों की मेहनत और दर्जनों लोगों की मेहनत के बाद इस भव्य स्वरूप को तैयार किया गया ताकि शिवभक्ति के साथ-साथ लोगों को आस्था की एक अनोखी झलक भी दिखाई जा सके।
इस भव्य कांवड़ की सबसे खास बात यह है कि इसे कोई एक या दो लोग नहीं बल्कि पूरे 50 शिवभक्त मिलकर खींच रहे हैं। सभी श्रद्धालु एक जैसी वेशभूषा में भगवान भोलेनाथ का जयघोष करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। उनकी एकजुटता और श्रद्धा लोगों को काफी प्रभावित कर रही है। रविंद्र ने बताया कि उनकी पूरी टोली दिल्ली की रहने वाली है। सभी शिवभक्त हर साल कांवड़ यात्रा में हिस्सा लेते हैं, लेकिन इस बार कुछ अलग और यादगार करने का फैसला किया गया।
कांवड़ में सिर्फ धार्मिक आस्था ही नहीं बल्कि आधुनिक तकनीक का भी बेहतरीन मेल देखने को मिला। आकर्षक एलईडी लाइटें, साउंड सिस्टम और भव्य सजावट लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही थी। रात के समय यह कांवड़ और भी ज्यादा आकर्षक दिखाई देती है। दूर-दूर से आए श्रद्धालु इसके साथ सेल्फी और वीडियो बनाते नजर आए।
मां काली, शिवलिंग और बालाजी की दिव्य झांकी… मुजफ्फरनगर में जहां रुकी, वहीं उमड़ पड़ी भीड़
रविंद्र ने बताया कि उनकी टोली दिल्ली की रहने वाली है और कांवड़ यात्रा पूरी करने के बाद वहीं भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पूरी यात्रा का उद्देश्य केवल भगवान शिव की आराधना करना और समाज में धार्मिक आस्था का संदेश देना है। सभी शिवभक्त पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ यात्रा पूरी कर रहे हैं।
मुजफ्फरनगर हर साल कांवड़ यात्रा का प्रमुख मार्ग माना जाता है। इस बार भी यहां से गुजर रही अलग-अलग थीम की कांवड़ श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। कोई भगवान शिव के कैलाश पर्वत की झांकी लेकर चल रहा है तो कोई ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृति तैयार कर रहा है। ऐसे में तिरुपति बालाजी मंदिर के स्वरूप वाली यह विशाल कांवड़ भी आस्था और भव्यता का प्रतीक बनकर लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
Location : Muzaffarnagar
Published : 6 August 2026, 1:33 PM IST