देवरिया मेडिकल कॉलेज के बाहर डग्गामार एंबुलेंसों पर उठे सवाल, निजी अस्पताल भेजने के आरोप

देवरिया मेडिकल कॉलेज और सीएमओ कार्यालय के पास खड़ी प्राइवेट एंबुलेंसों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का आरोप है कि इन एंबुलेंसों के जरिए मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजने का काम किया जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की जा रही है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 15 July 2026, 2:31 PM IST
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Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया मेडिकल कॉलेज और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय के बगल में कथित तौर पर दो दर्जन से अधिक प्राइवेट और डग्गामार एंबुलेंस खड़ी रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये एंबुलेंस लंबे समय से यहां सक्रिय हैं और मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों से संपर्क करती हैं।

निजी अस्पताल भेजने के लगे आरोप

मरीजों के तीमारदारों का आरोप है कि गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के परिजन पहले से ही तनाव और घबराहट में होते हैं। इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए कुछ एंबुलेंस चालक और उनसे जुड़े लोग मरीजों को सरकारी अस्पताल की बजाय निजी अस्पतालों में इलाज कराने की सलाह देते हैं। लोगों का कहना है कि कई बार मरीजों को यह विश्वास दिलाया जाता है कि सरकारी अस्पताल में उचित इलाज नहीं मिल पाएगा, जबकि निजी अस्पताल में तुरंत और बेहतर उपचार उपलब्ध हो जाएगा। इसके बाद मरीजों को एंबुलेंस के जरिए निजी अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है।

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मिलीभगत की चर्चा

स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि इस पूरे मामले में कुछ निजी अस्पतालों से जुड़े लोगों की भूमिका हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराई जाए तो मरीजों को निजी अस्पतालों तक पहुंचाने के बदले कमीशन लेने जैसी गतिविधियों का खुलासा हो सकता है।

गरीब परिवारों पर बढ़ता आर्थिक बोझ

निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च सरकारी अस्पतालों की तुलना में काफी अधिक होता है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता है। इससे न केवल मरीजों के परिजनों को परेशानी होती है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की छवि पर भी असर पड़ता है।

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जांच और कार्रवाई की मांग

मरीजों, उनके परिजनों और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि मेडिकल कॉलेज परिसर और उसके आसपास खड़ी एंबुलेंसों की जांच कराई जाए। साथ ही उनके संचालन की वैधता की पड़ताल की जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और मरीजों के हितों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाते हैं।

Location :  Deoria

Published :  15 July 2026, 2:31 PM IST

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