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ओवरलोड ट्रकों को घूस लेकर पास कराने के मामले में परिवहन विभाग ने लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर के तीन ARTO (प्रवर्तन) को सस्पेंड कर दिया है। STF जांच में 25 लोग नामजद हैं और विभागीय जांच जारी है।
ओवरलोड ट्रकों से घूस लेने वाले 3 ARTO सस्पेंड
Lucknow: सरकारी चौकियों पर कानून की निगरानी, लेकिन अंदर ही अंदर चल रहा था घूस का खुला खेल। ओवरलोड ट्रकों को पैसे लेकर पास कराने का नेटवर्क जब STF के रडार पर आया, तो पूरा परिवहन विभाग कटघरे में खड़ा नजर आया। अब इस मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए परिवहन विभाग ने तीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों (प्रवर्तन) को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के उस चेहरे को उजागर करती है, जो सिस्टम के भीतर रहकर कानून को बेच रहा था।
तीन ARTO (प्रवर्तन) सस्पेंड, विभाग में हड़कंप
परिवहन विभाग ने रिश्वत लेकर ओवरलोड वाहनों को पास कराने के आरोप में लखनऊ के एआरटीओ (प्रवर्तन) राजीव कुमार बंसल, रायबरेली के एआरटीओ अंबुज और फतेहपुर की एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा को निलंबित कर दिया है। सस्पेंशन अवधि में तीनों को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है और इनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। झांसी जोन में तैनात उप परिवहन आयुक्त केडी सिंह गौर को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
STF जांच में हुआ था बड़े सिंडीकेट का खुलासा
इस पूरे मामले का खुलासा दो महीने पहले तब हुआ था, जब STF ने हमीरपुर, महोबा समेत बुंदेलखंड के जिलों में मौरंग और गिट्टी से लदे ओवरलोड ट्रकों को घूस लेकर पास कराने के सिंडीकेट का भंडाफोड़ किया। 12 नवंबर को STF ने लखनऊ के मड़ियांव, रायबरेली के लालगंज और उन्नाव जिले में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई थीं। इन मुकदमों में परिवहन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और एजेंटों समेत करीब 25 लोगों को नामजद किया गया था।
गंभीर धाराओं में मुकदमा, फिर भी गायब रहे अधिकारी
एफआईआर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की गंभीर धाराओं में दर्ज की गई थी। इसके बावजूद नामजद अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय तक कार्यालय आना बंद कर दिए थे। करीब सात सप्ताह बाद अब परिवहन विभाग के विशेष सचिव केपी सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए निलंबन आदेश जारी किया है।
विभागीय जांच भी शुरू, कई नाम जांच के घेरे में
निलंबन के साथ ही विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। रायबरेली की लालगंज कोतवाली समेत अन्य थानों में दर्ज मामलों में फतेहपुर की एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम, पीटीओ अखिलेश चतुर्वेदी, रायबरेली के एआरटीओ अंबुज, पीटीओ रेहाना, लखनऊ के एआरटीओ राजीव कुमार बंसल और एजेंट विनोद कुमार समेत कई लोग नामजद हैं।
पहले भी कई अधिकारी-कर्मचारी हो चुके हैं सस्पेंड
इससे पहले 29 नवंबर को परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने इसी प्रकरण में लखनऊ के पीटीओ मनोज कुमार भारद्वाज, रायबरेली की रेहाना बानो और फतेहपुर के अखिलेश चतुर्वेदी को सस्पेंड किया था। साथ ही प्रवर्तन पर्यवेक्षक, सिपाही और चालक तक पर कार्रवाई हो चुकी है।