उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने साइबर अपराधियों को फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले संगठित गिरोह के वांछित और 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी शिहान शेख को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी डिजिटल अरेस्ट, स्टॉक मार्केट और पार्सल स्कैम जैसे अपराधों में इस्तेमाल होने वाले सिम कार्ड की सप्लाई करता था।

आरोपी शिहान शेख
Lucknow: डिजिटल अरेस्ट, स्टॉक मार्केट स्कैम और पार्सल फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों के पीछे छिपे नेटवर्क पर उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने बड़ी चोट की है। फर्जी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट कर साइबर ठगों तक पहुंचाने वाले संगठित गिरोह के वांछित और 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी शिहान शेख को STF ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी से साइबर क्राइम की सप्लाई चेन उजागर हो गई है।
मुंबई से गिरफ्तारी, कई अहम बरामदगी
एसटीएफ ने 8 जनवरी 2026 को मुंबई के कुलाबा इलाके में स्थित पुष्पा भवन से शिहान शेख को दबोचा। आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, 12 एटीएम कार्ड, एक चेकबुक और नकद रुपये बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि ये सभी चीजें साइबर अपराध से जुड़े लेन-देन में इस्तेमाल हो रही थीं।
फर्जी POS और सिम से चलता था खेल
जांच में सामने आया है कि गिरोह टेलीकॉम कंपनी के कुछ अधिकारियों से सांठगांठ कर फर्जी तरीके से POS एजेंट बनता था। ग्राहकों के नाम पर दो सिम कार्ड एक्टिवेट कर एक सिम ग्राहक को दे दी जाती थी, जबकि दूसरी सिम और POS आईडी गिरोह अपने पास रख लेता था। इसी के जरिए सैकड़ों सिम कार्ड डिजिटल केवाईसी से एक्टिवेट कर साइबर अपराधियों को ऊंचे दामों पर बेचे जाते थे।
800 से ज्यादा सिम की सप्लाई
पूछताछ में खुलासा हुआ कि शिहान शेख ने करीब 800 प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड मुंबई में बेचे थे। इन्हीं सिम कार्डों का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी के मामलों में किया गया। इसी वजह से उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पाव बेचने से साइबर नेटवर्क तक
शिहान शेख ने बताया कि वह पहले मुंबई में पाव बेचने की दुकान चलाता था। बाद में उसने टूर एंड ट्रैवल्स का काम शुरू किया, जहां विदेशी और देशी पर्यटकों की मांग पर वह प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड उपलब्ध कराने लगा। यहीं से वह साइबर अपराधियों के संपर्क में आया और धीरे-धीरे बड़े नेटवर्क का हिस्सा बन गया।
कानूनी शिकंजा और आगे की कार्रवाई
आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर चित्रकूट लाकर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। STF का कहना है कि इस गिरफ्तारी से साइबर ठगी के कई मामलों का खुलासा होने की उम्मीद है।