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जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने फार्मर रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे में शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। उप कृषि निदेशक ने बताया कि कुल लक्ष्य 2,37,892 किसानों का है, जिनमें से 1,60,284 की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है।
समीक्षा बैठक
Kausambi: किसानों से जुड़ी सरकारी योजनाओं को समय पर और पारदर्शी तरीके से जमीन तक पहुंचाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। फार्मर रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे जैसे अहम कामों में किसी भी तरह की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने निर्देश दिए हैं कि लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने उदयन सभागार में फार्मर रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में कृषि विभाग समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने एक-एक बिंदु पर अधिकारियों से जानकारी ली और कहा कि यह काम सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे। हर पात्र किसान तक इसका लाभ पहुंचे।
बैठक में उप कृषि निदेशक सतेन्द्र तिवारी ने आंकड़ों के साथ स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि जनपद में फार्मर रजिस्ट्री का कुल लक्ष्य 2 लाख 37 हजार 892 किसानों का है। जिसके सापेक्ष अब तक 1 लाख 60 हजार 284 किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। अभी 77 हजार 608 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री किया जाना बाकी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों की बात करें तो 1 लाख 33 हजार 806 किसानों की रजिस्ट्री हो चुकी है। 51 हजार 144 किसान अभी शेष हैं।
जिलाधिकारी ने उप कृषि निदेशक को निर्देश दिए कि कृषि विभाग और अन्य विभागों के कार्मिकों द्वारा की जा रही फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति रिपोर्ट रोजाना उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि आंकड़ों में सुधार तभी दिखेगा। जब जमीनी स्तर पर काम तेज होगा। इसके लिए कैंप लगाकर किसानों की रजिस्ट्री कराने के भी निर्देश दिए गए।
डीएम अमित पाल ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री शासन की प्राथमिकता वाला काम है। इसमें ग्राम प्रधानों और लाभार्थी किसानों से समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी को निर्देश दिए कि फार्मर रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा की जाए। जिससे किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
बैठक में मौजूद अधिकारियों को संदेश दिया गया कि किसानों से जुड़े इस अहम कार्य में तेजी लाई जाए। प्रशासन का फोकस है कि हर पात्र किसान की रजिस्ट्री समय से पूरी हो और योजनाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के मिल सके।