देवरिया में रेलवे ट्रैक पर मिले प्रधानाध्यापक के शव ने प्रशासनिक दबाव, बीएलओ ड्यूटी और पारिवारिक तनाव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में जुटी है, शिक्षक संगठनों में आक्रोश है।

परिवार में छाया मातम
Deoria: देवरिया में रेलवे ट्रैक पर एक सरकारी शिक्षक का शव मिलने से पूरे जिले में सनसनी फैल गई। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े एक जिम्मेदार अधिकारी की इस रहस्यमयी मौत ने न सिर्फ परिवार को तोड़ दिया, बल्कि सिस्टम के दबाव और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शव की पहचान होते ही मौके पर कोहराम मच गया।
कौन थे मृतक
मृतक की पहचान जय श्याम जी प्रसाद उम्र करीब 45 वर्ष के रूप में हुई है। वह ग्राम डेमुसा, थाना भटनी, जनपद देवरिया के स्थायी निवासी थे। वर्तमान में वह देवरिया नगर पालिका क्षेत्र के टीचर कॉलोनी, तेलई बेलवा में अपनी पत्नी आशा देवी और दो बच्चों के साथ रहते थे। जय श्याम प्रसाद देवरिया के एक कंपोजिट विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे और लंबे समय से बीएलओ की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
Photo Gallery: कौन है ‘धुरंधर’ फिल्म में रहमान डकैत का बेटा फैजल, जानें बिहार से कैसा पहुंचा मुंबई
घर से निकले, फिर नहीं लौटे
परिजनों के अनुसार गुरुवार की शाम जय श्याम प्रसाद यह कहकर घर से निकले थे कि थोड़ी देर में लौट आएंगे। जब काफी देर तक वह घर नहीं पहुंचे तो पत्नी और बच्चों ने उनके मोबाइल पर फोन किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ आ रहा था। इसके बाद परिवार की चिंता बढ़ गई और उनकी तलाश शुरू की गई। साथ ही देवरिया कोतवाली पुलिस को भी सूचना दी गई।
रेलवे ट्रैक पर मिली लाश
शुक्रवार सुबह देवरिया पूर्वी ढाले के पास रेलवे ट्रैक पर एक शव मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान जय श्याम प्रसाद के रूप में की और पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव देखते ही परिजन दहाड़े मारकर रोने लगे, जिससे मौके का माहौल बेहद गमगीन हो गया।
दबाव में थे प्रधानाध्यापक
मृतक के ममेरे भाई राकेश कुमार और रमेश प्रसाद का कहना है कि जय श्याम प्रसाद एसआईआर/आईएसआर प्रकरण को लेकर लंबे समय से मानसिक दबाव में थे। अधिकारियों, मतदाताओं और विभागीय कर्मचारियों की ओर से लगातार दबाव बना रहता था। परिजनों का आरोप है कि इसी तनाव ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया।
प्रशासन का अलग दावा
वहीं एसडीएम रत्नेश तिवारी ने कहा कि यह घटना पारिवारिक विवाद से जुड़ी हो सकती है और किसी भी प्रकार का प्रशासनिक दबाव नहीं बनाया गया था। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
शिक्षक संगठनों में आक्रोश
इस घटना के बाद शिक्षक संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। संगठन के पदाधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पूरे क्षेत्र में इस मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।