जागरूक होगी हर बहू-बेटी, गोरखपुर से शुरू हुआ बड़ा अभियान

गोरखपुर में मिशन शक्ति अभियान के तहत “बहू-बेटी सम्मेलन” को लेकर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू हुई है। 44 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित कर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा एवं जागरूकता का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 12 June 2026, 2:06 AM IST

Gorakhpur : महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता और सशक्तिकरण को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस और यूनिसेफ ने एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित होने वाले “बहू-बेटी सम्मेलन” कार्यक्रम को गांव-गांव तक पहुंचाने के मकसद से गोरखपुर में तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू हुई है। इस अभियान के जरिए महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा।

गोरखपुर में शुरू हुआ तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर

गुरुवार से शुरू हुई यह कार्यशाला 13 जून तक चलेगी। होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट गोरखपुर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में गोरखपुर, महराजगंज, संत कबीर नगर और बलरामपुर के चयनित मास्टर ट्रेनर्स भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य इन प्रशिक्षकों को कार्यक्रम की अवधारणा, कार्यप्रणाली और प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी देना है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने किया शुभारंभ

कार्यक्रम का उद्घाटन पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान पुलिस उपमहानिरीक्षक शिवशिम्पी चनप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, यूनिसेफ के फील्ड ऑफिस प्रमुख डॉ. ज़कारी एडम और बाल संरक्षण विशेषज्ञ सैय्यद मंसूर उमर कादरी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

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18 हजार से अधिक ग्राम स्तरीय प्रशिक्षकों तक पहुंचेगा अभियान

बाल संरक्षण विशेषज्ञ सैय्यद मंसूर उमर कादरी ने बताया कि पहले “बहू सम्मेलन” के रूप में शुरू हुई इस पहल को अब “बहू-बेटी सम्मेलन” के रूप में विस्तारित किया गया है। यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से इसे और अधिक प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 44 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो आगे 50 ब्लॉकों में करीब 500 ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों और 18 हजार से अधिक ग्राम पंचायत स्तरीय प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।

जागरूकता से अपराध रोकने पर जोर

एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि पुलिस की भूमिका अब केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराध की रोकथाम और जागरूकता फैलाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं डीजीपी जोन मुथा अशोक जैन ने कहा कि बहू-बेटी सम्मेलन महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बनेगा।

गांव-गांव तक पहुंचेगा सुरक्षा और अधिकारों का संदेश

अधिकारियों ने प्रशिक्षकों से इस अभियान का एम्बेसडर बनकर गांव-गांव तक महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, अधिकारों और जागरूकता का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भागीदारी की।

Location :  Gorakhpur

Published :  12 June 2026, 2:06 AM IST