
सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने बढ़ाई बेचैनी
Gorakhpur: शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के बाद शिक्षकों के बीच असंतोष और आक्रोश का माहौल बन गया है। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष तारकेश्वर शाही ने फैसले पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह निर्णय न्याय से अधिक एक नई वैधानिक व्याख्या को स्थापित करने का प्रयास प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) की धारा 23(1) के तहत शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता निर्धारित करने का अधिकार NCTE को दिया गया था। इसी के तहत 23 अगस्त 2010 को जारी अधिसूचना के पैरा-4 में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि RTE लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता लागू नहीं होगी।
शाही ने सवाल किया कि जब इस प्रावधान को न कभी हटाया गया, न संशोधित किया गया और न ही किसी न्यायालय ने इसे अवैध घोषित किया, तो फिर पूर्व नियुक्त लाखों शिक्षकों पर TET की बाध्यता किस आधार पर थोपी जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में सभी शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य था तो केंद्र और राज्य सरकारों, शिक्षा विभागों, नीति निर्माताओं तथा विशेषज्ञों ने वर्षों तक इस विषय पर कोई स्पष्ट निर्देश क्यों नहीं दिए। वर्ष 2017 के संशोधन के बाद भी किसी सरकारी आदेश में पुराने शिक्षकों के लिए TET को अनिवार्य रूप से लागू करने का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया।
तारकेश्वर शाही ने यह भी कहा कि किसी शिक्षक की गुणवत्ता का मूल्यांकन केवल एक परीक्षा से नहीं किया जा सकता। यदि TET ही गुणवत्ता का अंतिम पैमाना है तो फिर शिक्षकों के प्रशिक्षण, कार्यशालाओं, नवाचार कार्यक्रमों, डिजिटल शिक्षण और शैक्षिक सुधारों पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च करने का औचित्य क्या है। उनका कहना है कि एक शिक्षक की वास्तविक दक्षता उसके अनुभव, प्रशिक्षण, कक्षा शिक्षण कौशल, बच्चों की समझ और निरंतर सीखने की क्षमता से निर्धारित होती है।
उन्होंने देशभर के शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल किसी एक संगठन या राज्य की नहीं बल्कि शिक्षकों के सम्मान, सेवा सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों की है। उन्होंने सभी संगठनों से साझा मंच बनाकर इस व्यवस्था के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का आह्वान किया।
TET पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से शिक्षकों में आक्रोश, तारकेश्वर शाही ने उठाए गंभीर सवाल
Location : Gorakhpur
Published : 30 May 2026, 11:45 PM IST
Topics : Gorakhpur Gorakhpur News outrage among teachers over supreme court tet verdict tarkeshwar shahi