
सुप्रीम कोर्ट का यूपी सरकार को नोटिस (Img : Google)
Noida : नोएडा मजदूर प्रदर्शन हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को हाई वोल्टेज सुनवाई हुई। कोर्ट में पेश हुए आरोपियों ने यूपी पुलिस पर हिरासत में बेरहमी से पिटाई और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। अदालत ने दोनों आरोपियों को सामने बुलाकर उनकी हालत देखी और पुलिस को सख्त निर्देश दिए कि हिरासत में उनके साथ मानवीय व्यवहार किया जाए।
फेज-2 श्रमिक प्रदर्शन हिंसा मामले में गिरफ्तार आदित्य आनंद और रूपेश रॉय को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया। इससे पहले अदालत ने 15 मई को यूपी पुलिस को दोनों आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था। मंगलवार को न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ के सामने दोनों आरोपी पेश हुए।
सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से पेश वकील ने दावा किया कि पुलिस हिरासत में दोनों को प्रताड़ित किया गया। आरोपियों ने कोर्ट को बताया कि उनकी आंखों पर पट्टी बांधी गई, पीसीआर वैन से बाहर घसीटा गया और जमकर पिटाई की गई। याचिकाकर्ता पक्ष ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी उठाई।
सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों से सीधे बातचीत की और प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर सवाल पूछे। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों को सामने बुलाने का उद्देश्य उनकी शारीरिक स्थिति देखना था। अदालत ने फिलहाल कहा कि हिरासत में प्रताड़ना के आरोपों की विस्तृत जांच बाद में की जाएगी।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत जारी रखने का आदेश दिया। साथ ही यूपी पुलिस को निर्देश दिया कि आरोपियों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। कोर्ट ने साफ कहा कि कानून अपना काम करेगा और यह याचिका मुख्य मामले की सुनवाई को प्रभावित नहीं करेगी।
मामले में एक आरोपी पत्रकार की याचिका पर भी सुनवाई हुई। पत्रकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत अपनी हिरासत को चुनौती दी है। उसके वकील ने कोर्ट में कहा कि पुलिस ने केवल विचारधारा के आधार पर उस पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
Location : Noida
Published : 19 May 2026, 7:15 PM IST
Topics : crime news noida news NSA Case Supreme Court UP Police