
सांसद पप्पू यादव पर चप्पल फेंकने वाले सुमित और हैप्पी का हुआ स्वागत (IMG: Social Media)
Ghaziabad: बिहार के बाहुबली सांसद पप्पू यादव पर चप्पल से हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की रिहाई के बाद बुलंदशहर में सियासी माहौल गरमा गया। जमानत पर जेल से बाहर आए सुमित गिरी और हैप्पी शर्मा का समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। दोनों के पहुंचते ही फूलों की बारिश की गई, ढोल-नगाड़े बजाए गए और खुली जीप में करीब 7 किलोमीटर लंबा रोड शो निकाला गया।
सुमित गिरी और हैप्पी शर्मा ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए अपने घर पहुंचे। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष विकास चौहान समेत कई पार्टी कार्यकर्ताओं ने दोनों को फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया। बारिश के बीच भी समर्थक जश्न मनाते नजर आए। परिवार के लोगों ने भी दोनों को गले लगाकर उनका स्वागत किया। बताया जा रहा है कि सुमित भाजपा के नगर मंत्री हैं, जबकि हैप्पी पार्टी में मंडल महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
संसद में पप्पू यादव के प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, पूरा मामला 31 जुलाई को संसद परिसर में हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। मानसून सत्र के दौरान सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में दानपेटी लेकर संसद पहुंचे थे। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावे को लेकर कथित चोरी के मुद्दे पर एक सांकेतिक नाटक किया था। इस प्रदर्शन में पप्पू यादव ने भगवा कपड़े पहनकर पुजारी की भूमिका निभाई थी। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने भी इसमें हिस्सा लिया था। नाटक के जरिए चंदे के पैसे को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस घटना के बाद कई हिंदू संगठनों और नेताओं ने विरोध जताया था।
2 अगस्त को हुआ था पप्पू यादव पर हमला
विरोध के बीच 2 अगस्त को बुलंदशहर निवासी सुमित गिरी और उसके साथी हैप्पी शर्मा पर पप्पू यादव से मारपीट के साथ चप्पल से हमला करने का आरोप लगा। घटना के दौरान पप्पू यादव ने सुमित को पकड़ लिया था, जबकि उनके समर्थकों ने हैप्पी की पिटाई कर दी थी। बाद में दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया था। दोनों आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर अलग दावा किया था। उनका कहना था कि उन्होंने सनातन धर्म और भगवान श्रीराम से जुड़े मुद्दे पर सवाल पूछे थे, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
अखिलेश यादव ने BJP पर साधा निशाना
आरोपियों के स्वागत को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा में अपराधियों के स्वागत की परंपरा जारी है। उन्होंने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाए।
कौन हैं सुमित गिरी और हैप्पी शर्मा?
पुलिस के अनुसार, सुमित गिरी बुलंदशहर के सहपानी गांव का रहने वाला है। उसके पिता का नाम फूल गिरी है। 34 वर्षीय सुमित गाजियाबाद में रहता है और लोहे के सामान बनाने का काम करता है। वहीं हैप्पी शर्मा बुलंदशहर के नेथला हसनपुर गांव का निवासी है। उसके पिता का नाम मुनेश कुमार शर्मा है। हैप्पी लंबे समय से भाजपा से जुड़ा हुआ है। उसने 5 जून को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की थी, जिस पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने उसे बधाई दी थी।
सुमित की मां ने की थी रिहाई की अपील
गिरफ्तारी के बाद सुमित की मां भावुक हो गई थीं। उन्होंने रोते हुए कहा था कि उन्हें राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है और उनकी सिर्फ यही इच्छा है कि उनका बेटा सुरक्षित घर लौट आए। उन्होंने बेटे की रिहाई के लिए अपील भी की थी। फिलहाल दोनों आरोपियों के स्वागत के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। जहां समर्थक इसे सम्मान बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे कानून व्यवस्था और राजनीति से जोड़कर सवाल उठा रहा है।
Location : Bulandshahr
Published : 8 August 2026, 1:24 PM IST