
मां की सलामती के लिए निकला शिवभक्त बलराज (IMG: Dynamite News)
Muzaffarnagar: मुज़फ्फरनगर में सावन की कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था का एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने हर किसी का दिल छू लिया। एक बेटा अपनी बीमार मां की सलामती की मन्नत लेकर 551 लीटर गंगाजल की विशाल कांवड़ खींचते हुए आगे बढ़ रहा है। करीब 35 हजार रुपये की विशेष ट्रॉली पर सजी इस कांवड़ को देखकर लोग हैरान हैं, लेकिन जब इसके पीछे की वजह पता चलती है तो हर कोई उसकी श्रद्धा को सलाम करता नजर आता है।
सावन के पवित्र महीने में लाखों कांवड़िये हरिद्वार से गंगाजल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने निकलते हैं। इन्हीं श्रद्धालुओं में हरियाणा के सोनीपत निवासी बलराज भोले भी शामिल हैं, जो इस बार 551 लीटर गंगाजल लेकर अपने गांव लौट रहे हैं। बलराज ने बताया कि उन्होंने 30 जुलाई को हरिद्वार से पवित्र गंगाजल उठाया था। उनकी यह पूरी यात्रा भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था के साथ-साथ अपनी बीमार मां के जल्द स्वस्थ होने की कामना से जुड़ी हुई है।
551 लीटर गंगाजल के साथ यात्रा करना आसान नहीं है। इसके बावजूद बलराज और उनकी टीम पूरे उत्साह के साथ प्रतिदिन करीब 20 किलोमीटर पैदल चल रही है। रास्ते भर "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष के बीच यह टोली अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है। बलराज ने बताया कि यात्रा के दौरान अब तक उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उत्तर प्रदेश में जगह-जगह शिवभक्तों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं। भोजन, पानी, चिकित्सा और विश्राम की सुविधाएं आसानी से मिल रही हैं, जिससे यात्रा आरामदायक बनी हुई है।
इस कांवड़ का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी विशेष ट्रॉली है। बलराज ने बताया कि यह ट्रॉली खास तौर पर इस कांवड़ यात्रा के लिए तैयार कराई गई है। इसे बनवाने में करीब 35 हजार रुपये खर्च हुए हैं। विशाल ट्रॉली पर 551 लीटर गंगाजल सुरक्षित रखा गया है। रास्ते में जहां-जहां यह कांवड़ पहुंचती है, वहां श्रद्धालु इसे देखने के लिए रुक जाते हैं। कई लोग इसके साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं तो कई बलराज की श्रद्धा की सराहना करते हैं।
बलराज ने बताया कि गांव पहुंचने के बाद सबसे पहले भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद बचा हुआ पवित्र गंगाजल पूरे गांव के लोगों में वितरित किया जाएगा, ताकि सभी इस पवित्र जल का लाभ ले सकें। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह सिर्फ व्यक्तिगत मन्नत नहीं, बल्कि पूरे गांव की आस्था से जुड़ा एक धार्मिक संकल्प है। यही वजह है कि जलाभिषेक के बाद गंगाजल को गांव वालों में बांटने का निर्णय लिया गया है।
यह पहली बार नहीं है जब बलराज इतनी बड़ी कांवड़ लेकर निकले हों। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी वह 501 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर आ चुके हैं। इस बार उन्होंने 551 लीटर गंगाजल लेकर यात्रा शुरू की है। जब उनसे अगली बार की योजना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह सब भगवान भोलेनाथ की कृपा पर निर्भर करेगा। फिलहाल उनका पूरा ध्यान इस यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा करने और मां की सलामती की प्रार्थना पर है।
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इतनी बड़ी कांवड़ यात्रा को सफल बनाने में बलराज अकेले नहीं हैं। उनके साथ सात से आठ शिवभक्तों की टीम भी चल रही है। सभी सदस्य यात्रा के दौरान ट्रॉली की देखरेख, भोजन, विश्राम और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं। बलराज का कहना है कि टीम के सहयोग और भगवान शिव की कृपा से यात्रा बिना किसी परेशानी के आगे बढ़ रही है।
इसी यात्रा में हरियाणा के सोनीपत जिले के जाखोली गांव से आई पांच वर्षीय शिवभक्त लाव्या चौहान भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। छोटी सी उम्र में लाव्या पूरे उत्साह के साथ अपने परिवार के साथ कांवड़ यात्रा कर रही है। लाव्या ने बताया कि वह दो दिन पहले हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकली है। गांव पहुंचकर वह अपने परिवार के साथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करेगी। उसने मुस्कुराते हुए बताया कि इस यात्रा में उसके साथ उसके पापा और चाचू भी हैं।
Location : Muzaffarnagar
Published : 3 August 2026, 12:48 PM IST