“पानी में बह गया छह करोड़ का तटबंध!” सीतापुर में शारदा नदी के तांडव से मचा हड़कंप, निर्माण पर उठे गंभीर सवाल

करीब छह करोड़ की लागत से बना 600 मीटर लंबा तटबंध पहली बड़ी बाढ़ में ही शारदा की तेज धार नहीं झेल सका। अब नदी की कटान से कई गांवों और किसानों की जमीन पर संकट मंडरा रहा है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 8 September 2026, 5:32 PM IST

Sitapur: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के लहरपुर तहसील क्षेत्र के तंबौर इलाके में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बसंतापुर गांव में सिंचाई विभाग की ओर से करीब छह करोड़ रुपये की लागत से बनवाया गया लगभग 600 मीटर लंबा तटबंध शारदा की तेज धारा में क्षतिग्रस्त होकर बह गया। ग्रामीणों का दावा है कि तटबंध का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा नदी की धारा में समा चुका है। पहली बड़ी बाढ़ में ही तटबंध के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

तटबंध टूटने के बाद गांवों की ओर बढ़ा पानी

तटबंध टूटने के बाद आसपास के गांवों की ओर बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। देवपालपुर, कोल्हुपुरवा, बसंतापुरवा, लखनीपुर, रतनगंज और रायमडोर समेत कई गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है। रतनगंज में नदी तेजी से कटान कर रही है। वहीं रायमडोर में ग्रामीणों के अनुसार 50 बीघे से अधिक कृषि भूमि फसल समेत शारदा में समा चुकी है।

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निर्माण की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

ग्रामीणो का आरोप है कि तटबंध निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई। इसी वजह से शारदा की तेज धारा तटबंध को रोक नहीं सकी। लखनीपुर में कटान रोकने के लिए लगाए गए जियो ट्यूब भी नदी की धारा में धंस गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कटान पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी।

तंबौर कस्बे तक पहुंच सकता है बाढ़ का पानी

ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नदी का जलस्तर और बढ़ा तो बाढ़ का पानी तंबौर कस्बे तक पहुंच सकता है।

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खतरे के निशान से अभी ऊपर है शारदा

प्रशासन की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक शारदा नदी का जलस्तर पांच सेंटीमीटर कम होकर स्थिर हो गया है। इसके बावजूद नदी का जलस्तर खतरे के निशान से छह सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है। घाघरा नदी का जलस्तर भी 10 सेंटीमीटर घटकर स्थिर है और खतरे के निशान से 1.03 मीटर नीचे है। सरायन नदी का जलस्तर भी पिछले दो दिनों से स्थिर बताया गया है।

ग्रामीणों ने राहत और सुरक्षा की मांग की

बाढ़ और कटान से प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत एवं सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। साथ ही नदी की कटान रोकने के लिए प्रभावी तकनीकी उपाय किए जाने की अपील की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल अस्थायी इंतजाम से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि तटबंध और कटान प्रभावित क्षेत्रों की स्थायी सुरक्षा के लिए ठोस योजना जरूरी है।

Location :  Sitapur

Published :  8 September 2026, 5:32 PM IST