सड़कें चौड़ी हो रहीं, लेकिन क्या सिकुड़ रही है हरियाली? गोरखपुर में पेड़ों की कटाई पर उठे बड़े सवाल

गोरखपुर में विकास कार्यों और सड़क चौड़ीकरण की परियोजनाओं के बीच पेड़ों की कटाई का मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। यूनिवर्सिटी रोड पर विकास कार्यों के दौरान पेड़ों की कटाई को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि शहर का विकास जरूरी है, लेकिन पर्यावरण और हरियाली की कीमत पर नहीं। लोगों ने प्रशासन से कटे पेड़ों के बदले बड़े स्तर पर पौधारोपण की मांग की है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 2 June 2026, 5:00 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर में विकास की तस्वीर तेजी से बदल रही है। नई सड़कें बन रही हैं, पुराने मार्गों का चौड़ीकरण हो रहा है और शहर को आधुनिक स्वरूप देने की कवायद जारी है। लेकिन इसी विकास की रफ्तार के बीच एक सवाल लगातार लोगों के मन में उठ रहा है-क्या इस विकास की कीमत शहर की हरियाली चुका रही है? यूनिवर्सिटी रोड पर विकास कार्यों के दौरान बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई ने पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। अब लोग पूछ रहे हैं कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन आखिर कैसे बनाया जाएगा।

यूनिवर्सिटी रोड पर दिखी पेड़ों की कटाई

डाइनामाइट न्यूज़ की टीम जब यूनिवर्सिटी रोड क्षेत्र में पहुंची तो वहां सड़क चौड़ीकरण और अन्य विकास कार्यों के बीच पेड़ों की कटाई का दृश्य सामने आया। कई पेड़ों को हटाया जा चुका था, जबकि कुछ स्थानों पर कटाई की तैयारी दिखाई दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के विकास के लिए सड़कें चौड़ी होना और यातायात सुविधाओं का बेहतर होना जरूरी है, लेकिन इसके साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

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लोगों ने उठाए सवाल

स्थानीय निवासी बबली सिंह ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि गोरखपुर में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं, लेकिन इसके साथ बड़ी संख्या में पेड़ भी काटे जा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि किसी परियोजना के लिए पेड़ों को हटाना मजबूरी है तो प्रशासन को उतनी ही गंभीरता से नए पौधे लगाने की व्यवस्था भी करनी चाहिए। केवल पेड़ काट देना समाधान नहीं है, बल्कि उनकी भरपाई सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।

विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी

बबली सिंह ने कहा कि शहर का विकास समय की जरूरत है, लेकिन विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि लगातार पेड़ कटते रहे और नए पौधे नहीं लगाए गए तो आने वाले समय में शहर को पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

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मुख्यमंत्री से की अपील

स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि विकास परियोजनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण की नीति को भी सख्ती से लागू किया जाए। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई को रोकने और कटे हुए पेड़ों के बदले बड़े स्तर पर पौधारोपण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

Location :  Gorakhpur

Published :  2 June 2026, 4:59 PM IST